mandsaur ki khabar: आज बात करेंगे मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की वैसे मंदसौर जिले में टैलेंट की कमी नहीं है। मंदसौर के एक गरीब बच्चे ने दिन रात कड़ी मेहनत करके एक इलेक्ट्रॉनिक साइकिल बना दी। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के एक छोटे से गांव में रहने वाले राजू पिता घनश्याम लौहार निवास करते है। जो कि अपने छोटे-छोटे कारनामो से जाने जाते है। वो फ्री टाइम में कुछ ना कुछ अलग ही करने का टेलेंट रखते है। इस बार उन्होंने कुछ अलग ही करने की सोचा और अपने टेलेंट से बेटरी वाली एक साइकिल बना डाली।

mandsaur ki khabar:राजू ने यूट्यूब पर इलेक्ट्रॉनिक चीजें कैसे बनती है। इस पर कैसे काम किया जाता है। इन पर रिसर्ज करते रहते है। मंदसौर गरीब लड़के ने दिन-रात की मेहनत से बना दी इलेक्ट्रिक साइकिल सिंगल चार्ज पर चलेगी इतना
जिसके बाद उनके मन मे आया कि, लोग छोटे से छोटे काम में बाइक का सहारा लेते है, चाहे कुवे पर जाना हो या पास में, बिना बाइक के नही जाते है, तो फिर क्या था… इनके मन मे आया के ईंधन इतना महंगा हो गया है, तो किसी ऐसी चीज का निर्माण करा जाए।

mandsaur ki khabar: जिससे खर्चा भी बच जाए और समय भी फिर राजू भाई ने इलेक्ट्रानिक साइकिल बनाने की सोचा और यूट्यूब पर सारी चीजें देखी। फिर अलग-अलग चीजो का इस्तेमाल किया और इलेक्ट्रिक साइकिल बना डाली।पैसे की कमी की वजह से मन में था डर। हम आपको बता दे कि इनको डर था कि, इसमे 10 से 12 हजार का खर्चा आता है। ये गरीब परिवार से कही साइकिल बनाने में कामयाब नही हुए तो पैसे बर्बाद हो जाएंगे। इन्होंने थोड़े थोड़े पैसे दोस्तो से अपने पापा से और अपने बड़े भाई से इकट्ठे किये और चुनोती का सामना करते हुए 2 दिन में बना दी।

mandsaur ki khabar: साइकिल बनाने में पार्ट्स मंदसोर, नीमच में नही मिले तो इंदौर से अपने दोस्तों से मंगवाए, इसमे 12-12 वोल्ट की दो बेंटरी लगी है, जो 20 किलोमीटर आराम से चल जाती है। अगर बेंटरी बड़ा दी जाए तो 60 किलोमीटर आराम से चल जाएगी। राजू भाई एक गरीब परिवार से है।राजू ने अपने टेलेंट से साइकिल बनाकर साबित कर किया के दिल मे कुछ करने का जज्बा हो तो कोई काम नामुनकिन नही इस मेहनत के बारे में आप क्या सोचते हैं आप हमें जरूर बताएं खबर को ज्यादा से ज्यादा मित्रों में शेयर करें

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