इंदौर पढ़ाई के लिए शहरों का रुख करने वाले कई स्टूडेंट गलत आदतों में पड़कर HIV-एड्स की चपेट में आ गए। कोई नशे में गलती कर बैठा तो किसी को लग्जरी लाइफ जीने की हसरत ने समलैंगिक बना दिया।

पहला केस : 20 साल का लड़का पढ़ाई के सिलसिले में खंडवा से इंदौर आया। शुरुआत में अकेला रहता था। फिर कॉलेज में दोस्तों के संपर्क में आया। वो एक दोस्त के साथ रूम पार्टनर बन गया। दोनों साथ-साथ घूमते-फिरते। दोस्ती गहरी होती चली गई। दोनों नशा भी करने लगे। नशे में उसने दोस्त ने शारीरिक संबंध बना लिए। कुछ समय के बाद उसे तकलीफ हुई। जांच के बाद पता चला कि वह HIV पॉजिटिव हो चुका है।

दूसरा केस : 22 साल का स्टूडेंट इंदौर में MBA करने आया। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कॉलेज में दोस्तों का रहन-सहन देखकर उसने प्रभावित हुआ। वह भी वैसी लाइफ स्टाइल जीना चाहता था, जो कि उसके लिए संभव नहीं थी। फिर एक अनजान व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद उसकी लाइफ स्टाइल बदल गई। कुछ समय के बाद सामान्य जांच के तहत प्रोटोकॉल के रूप में होने वाली HIV जांच करवाई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

ये दो मामले महज उदाहरण है। पिछले 7 महीने में HIV पॉजिटिव आए कुल 600 मामलों की पड़ताल की। इनमें करीब 10 फीसदी केस युवाओं से जुड़े पाए गए हैं। ये बाहर से पढ़ाई के लिए शहर में आए और एक गलती कर एचआईवी जैसी बीमारी की चपेट में आ गए। ये आंकड़े पेरेंट्स को भी अलर्ट करने वाले हैं।

करीब 60 युवा HIV पॉजिटिव
इंदौर के एमवाय अस्पताल परिसर की नई ओपीडी बिल्डिंग में पहली मंजिल पर स्थित एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट) प्लस सेंटर। यहां से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल 2022 से लेकर 28 अक्टूबर तक यानी करीब 7 महीने में 60 युवाओं की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव मिली है। काउंसिलिंग में पता चला कि ये सभी समलैंगिक हैं। इनमें अधिकांश स्टूडेंट हैं।

पॉजिटिव आए स्टेडेंट्स की उम्र 18 से 25 साल के बीच है। वे या तो दूसरे शहरों और गांवों से पढ़ने या नौकरी करने इंदौर आए या फिर पहले से यहां रह रहे हैं। अब तय नियमों के तहत सभी का इलाज किया जा रहा है। इन सभी की एमवाय हॉस्पिटल स्थित एआरटी सेंटर में इलाज के साथ काउंसिलिंग भी की जा रही है। काउंसलर इन्हें समझा रहे हैं कि ऐसी गलती दोबारा न करें।

इसलिए युवाओं से हो गई गलती

ऐसे मामले सामने आने के बाद जिम्मेदार भी आश्चर्य में हैं। एआरटी सेंटर के अफसर बताते हैं कि कुछ युवाओं से तो गलती हो गई, तो कुछ नशे के कारण भूल कर बैठे। जैसे- साथियों के दबाव में या अन्य कारणों से युवा पहली बार नशे का सेवन कर लेते हैं। वहीं, कुछ शहर की चकाचौंध में भटक गए। कुछ लोग अधिक खर्च के लिए रुपयों की आवश्यकता, तो कुछ ने अच्छी लाइफ स्टाइल के लालच में अनजाने में बीमारी को गले लगा लिया।

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