मध्यप्रदेश न्यूज़: ये कहानी एक साहसी लड़की की है। वह दुष्कर्म पीड़िता है। डेढ़ साल पहले पुलिसवाले ने उसके साथ रेप किया। मैं उस लड़की के गांव छिंदवाड़ा पहुंचा। मैंने पहले से ही उसके घर का लोकेशन ट्रेस किया हुआ था। ठीक उसके घर के सामने मेरे पैर ठहरते हैं। आंगन में बैठी 21-22 साल की लड़की की नजर मुझ पर पड़ी। वो आंगन से निकलकर मेरे पास आई। पूछा- आप कौन। मैंने बताया- मैं मिडिया भोपाल से आया हूं। इतने में उसकी मां और छोटी बहन भी पहुंच गई। मैंने पूछा- वो लड़की कौन है, जिसके साथ गलत हुआ है। इतना सुनते ही वो तपाक से बोली- मैं ही हूं सर। ये मेरी माता जी है और ये बहन। पिता जी इस दुनिया में नहीं हैं। उसने अपना परिचय देते हुए मुझसे कहा-सर चेयर पर बैठिए। उसके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था।

मध्यप्रदेश न्यूज़: बहन को बोली- सर के लिए चाय बनाना। मां से कहा- आप यहां से जाइए, मैं बात कर लूंगी। मैं बोला ऐसा क्या, उन्हें भी यहां रहने दीजिए। तो वो मुझसे बोली- सर ये रोने लगती हैं। डर जाती हैं। मुझे डरना नहीं है, लड़ना है। उसने पूरा घटनाक्रम मुझसे साझा किया। उसका दर्द सुनकर मैं भी सिहर गया।

मध्यप्रदेश न्यूज़: बता दें, इसी केस में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अप्रैल महीने में पुलिसवाले को बचाने पर सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। सरकार से ADG उमेश जोगा, छिंदवाड़ा SP विवेक अग्रवाल और सिविल सर्जन शिखर सुराना को हटाने के लिए कहा था। कोर्ट का मानना है कि चूंकि आरोपी पुलिसकर्मी है, इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अफसर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हों।

अब पढ़िए दुष्कर्म पीड़िता की आपबीती, उसी की जुबानी…

मध्यप्रदेश न्यूज़: मैं किसी भी वर्दीवाले को देखती हूं तो सिहर जाती हूं। रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पहली बार किसी ने मुझे छुआ था। अब पुलिसवाले के रिश्तेदार हमारे रिश्तेदारों के मार्फत मुझे फोन करवाते हैं। कहते हैं 7-8 लाख रुपए ले लो और उसे माफ कर दो। सालभर से वह जेल में है। मैंने फोन करने वालों को फटकार दिया। कहा- क्या इन पैसों से मेरी आबरू लौट आएगी। चलो मेरी तो छोड़ो उन दूसरी लड़कियों का क्या, जिनकी जिंदगी उसने उजाड़ी है। वो तो लोकलाज के डर से कभी सामने नहीं आई। मैंने साफ कह दिया कि आपके पैसों से मेरी इज्जत वापस नहीं आएगी। जो बाकी लड़कियों के साथ किया है, उनका क्या होगा?।

मध्यप्रदेश न्यूज़: तीन बहनों में सबसे बड़ी बहन होने के नाते घर की सारी जिम्मेदारी मुझ पर ही है। पिताजी का तो बहुत पहले निधन हो चुका है। एक बहन की शादी पहले ही हो चुकी है। छोटी बहन की भी शादी करवा दी है। अब मैं और मां ही घर पर रहते हैं। मैं भी अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही हूं। पढ़ाई पूरी करके अभी ट्रेनिंग ले रही हूं। नौकरी भी तलाश रही हूं। इतनी बात सुनने के बाद मैंने टोका, कहा- आप के साथ आखिर ये सब हुआ कैसे। लड़की कुछ जवाब देती इससे पहले उसकी छोटी बहन चाय लेकर पहुंची। उसने आंसू पोंछते हुए चाय का कप उठाया। बोली-सर आप भी चाय लीजिए…। फिर उस लड़की ने बेधड़क शुरू से अपनी दर्दभरी दास्तां सुनाई।

पुलिसवाले से पता पूछा, यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल

मध्यप्रदेश न्यूज़: मैंने पहली बार गांव से शहर में कदम रखा था। BA की पढ़ाई की थी। आगे पढ़ने की इच्छा थी तो रिश्तेदार की मदद से छिंदवाड़ा पहुंची। यहां छोटी-मोटी नौकरी करके आगे की पढ़ाई करना चाहती थी। सोचा था थोड़े पैसे मां और छोटी बहन को दे दूंगी तो परेशानी थोड़ी कम हो जाएगी। इतनी अच्छी बात कि कॉलेज में एडमिशन भी हो गया। एक किराना दुकान पर 3 हजार रुपए महीने पर काम भी मिल गया। पहले दिन रिश्तेदार ने कॉलेज तक पहुंचा दिया। लौटने का रास्ता भी बताया था, लेकिन मैं भटक गई। चौराहे पर खड़े पुलिसवाले से पता पूछा। बस यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। उसने मेरा पीछा करना शुरू कर दिया। फोन पर परेशान करने लगा। मेरी मां तक पहुंच गया। मां से बोला- मैं आपकी ही जाति का हूं, आपकी बेटी से शादी करूंगा। मां मुझसे कहती- कभी-कभी बात कर लिया कर…।

…वो लौटा तो उसके कपड़ों से शराब की बू आ रही थी

मध्यप्रदेश न्यूज़: मना करने पर भी वो मानता नहीं था, बार-बार फोन करता। दिवाली से पहले मैं घर आने की तैयारी कर रही थी। मेरी सहेली गांव चली गई थी। मुझे किराना दुकान से तनख्वाह मिलने में एक-दो दिन का वक्त था, तो मैं अकेली रुक गई। तब तक पुलिसवाले से थोड़ी पहचान हो चुकी थी। मुझसे कहने लगा कि आज मेरे कमरे पर चलो, वहीं से तुम्हें बस स्टैंड छोड़ दूंगा। वैसे भी अब अपनी शादी होने वाली है। मैं उसके साथ ही उसके घर पहुंची। वो किसी काम से बाहर गया हुआ था, तभी मेरी नजर उसके आधार कार्ड और उसकी पत्नी के तलाक के दस्तावेज पर पड़ी। उसका असली नाम अजय साहू था। उसने मेरी मां से झूठ बोला था कि वो हमारी जाति का है। जब वो लौटा तो उसके कपड़ों से शराब की बू आ रही थी। मैंने पूछा- आपका नाम क्या है? बोला- मैं तुम्हें बता चुका हूं, तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो। मैंने उससे कहा कि आपका असली नाम तो अजय साहू है। मैंने आपके सारे कागज देख लिए हैं। 

उसने भेड़ियों की तरह मेरे शरीर को नोंचा

उसने मुझसे कहा कि तुम नहीं, तुम्हारे जैसी कई लड़कियों के साथ मैंने ऐसा किया है। कई को मारकर फेंक दिया है। किसी का कुछ पता नहीं चला। तुम्हारा भी वही हाल करूंगा। गुस्से में उसने ये भी कहा कि मैंने अपनी पत्नी के शरीर का कोई अंग ऐसा नहीं छोड़ा, जहां सिगरेट न दागी हो। उसने मेरे साथ भी वैसा ही करने की कोशिश की, जैसा वह बोल रहा था। उसने भेड़ियों की तरह मेरे शरीर को नोंचा।

उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, बाथरूम तक मुझे घसीटा

मैंने बाथरूम जाने का बहाना किया, लेकिन वो नहीं माना। बहुत गिड़गिड़ाने पर खुद मुझे बाथरूम तक लाया, लेकिन उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। मौका देखकर मैं शोर मचाने लगी। उसने फिर मेरे बाल पकड़कर घसीटना शुरू कर दिया। मैंने चैनल गेट पकड़ लिया। कहा कि चाहे तुम मुझे मार डालो, लेकिन भीतर नहीं जाऊंगी। वो कपड़े नहीं पहना था, इसलिए गेट के बाहर नहीं आ पाया। इस बीच वहां की एक महिला बाहर आई तो वह कमरे में भाग गया।

कहा- तेरे कॉलेज में आकर तेरे कपड़े उतारूंगा
मोहल्ले वालों की मदद से मैं अपने रिश्तेदार के यहां लौटी। मेरी चोट देखकर जिसनेभी पूछा तो मैंने कहा कि कुछ नहीं हुआ, लेकिन मेरी चुप्पी से वो और ज्यादा आक्रामक हो गया। मुझे फोन पर धमकाने लगा। कहने लगा कि तेरे कॉलेज में आकर तेरे कपड़े उतारूंगा। तेरे चेहरे पर तेजाब डालकर जला दूंगा। फिर मैं बिल्कुल टूट गई। मैंने सीधे पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत की।

मैं अब शायद ही शादी का फैसला कर पाऊं
मैंने छोटी बहन की शादी करवा दी है। मैं तो भीतर से टूट गई हूं। मैं शायद ही शादी का फैसला कर पाऊं। मेरी मां की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। मैं बहुत कोशिश करके फिर से कॉलेज जाना शुरू कर रही हूं। समझौते के लिए धमकियां मिलती हैं, लेकिन मैं टूटूंगी नहीं। मेरी जिंदगी का मकसद यही है कि वो मेरी तरह किसी और की जिंदगी से खिलवाड़ न कर पाए।

इस रियल हॉरर स्टोरी में ये भी जान लें

इस रियल हॉरर स्टोरी से पहले ये भी जान लें कि लड़की रेप के बाद प्रेग्नेंट हो गई थी। कोर्ट की अनुमति से उसका गर्भपात कराया गया। गर्भ के भ्रूण की जांच में डॉक्टर से लेकर पुलिस तक सभी ने लापरवाही बरती। भ्रूण की DNA जांच के लिए उसे स्लाइन वॉटर में प्रिजर्व करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजा जांच ही नहीं हो सकी। कोर्ट ने कहा कि ADG, SP और सिविल सर्जन की भूमिका संदिग्ध है। इनके आचरण की जांच के लिए केस CBI को सौंपा जाना था। सैंपल की जांच भी दोबारा नहीं हो सकती, इसलिए सभी संबंधित अफसरों को प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्र में ट्रांसफर किया जाए, ताकि वे गवाहों को प्रभावित न कर सके। हाईकोर्ट ने ADG उमेश जोगा, छिंदवाड़ा SP विवेक अग्रवाल और सिविल सर्जन शिखर सुराना को हटाने के निर्देश दिए हैं।

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MP में पुलिसवाले की दरिंदगी, अपनी पत्नी का अंग-अंग दागा

5 महीने पहले छिंदवाड़ा से जुड़े एक मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक रेपिस्ट पुलिसवाले को बचाने पर सरकार को जमकर फटकार लगाई है। साथ ही सरकार से ADG उमेश जोगा, छिंदवाड़ा SP विवेक अग्रवाल और सिविल सर्जन शिखर सुराना को हटाने के लिए कहा है। कोर्ट का मानना है कि चूंकि आरोपी पुलिसकर्मी है, इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अफसर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हों

रेपिस्ट कॉन्स्टेबल को बचाने DNA सैंपल से छेड़छाड़

जबलपुर में रेप के आरोपी कॉन्स्टेबल के मामले में पुलिस अफसरों और डॉक्टर्स की लापरवाही सामने आई है। हाईकोर्ट ने ADG पुलिस उमेश जोगा, छिंदवाड़ा एसपी विवेक अग्रवाल और सिविल सर्जन शिखर सुराना को हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि अफसरों और डॉक्टर्स ने कॉन्स्टेबल को बचाने के लिए DNA सेंपल से छेड़छाड़ करते हुए सबूत मिटाए हैं। कोर्ट ने राज्य स्तरीय विजिलेंस एंड मॉनिटरिंग कमेटी को निर्देश दिए हैं कि इन अफसरों का ट्रांसफर किया जाए, जिससे जांच प्रभावित न हो सके।

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