health and fitness: डेंगू के केस बढ़ते जा रहे हैं। आपको लग रहा होगा, कहां, कब, कैसे…हमने तो डेंगू को लेकर ऐसा कुछ भी नहीं सुना। क्यों डरा रहे हैं। तो एक नजर इन शहरों पर डाल लीजिए-

  • दिल्ली में पिछले 2 हफ्ते में डेंगू के मामले इतने बढ़ गए कि राज्य सरकार ने डेंगू के लिए अस्पतालों में 10-15% बेड्स रिजर्व रखने का आदेश दिया है।
  • बिहार के 27 जिलों से डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं और इसमें पटना टॉप पर है। नालंदा में 13, नवादा में 9, वैशाली में 6, बांका में 4, भागलपुर में 3 और रोहतास में 3 नए डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं।
  • मध्यप्रदेश के मुरैना में भी डेंगू के 28 मामले मिले हैं।
  • इनके अलावा उत्तरप्रदेश और राजस्थान में भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।

ऊपर लिखे आंकड़ों को पढ़ के समझ आ गया होगा कि हम डरा नहीं रहे हैं, आपको अलर्ट कर रहे हैं। आज जरूरत की खबर में हम आपको डेंगू से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब देंगे।

हमारे एक्सपर्ट हैं- मेदांता अस्पताल की मेडिसिन कंसल्टेंट ज्योति वाधवानी, प्राइमरी हेल्थ सेंटर के इंचार्ज मेडिकल ऑफिसर डॉ.बालकृष्ण श्रीवास्तव और AIIMS में मेडिसिन डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल।

सवाल- डेंगू कैसे होता है?
जवाब-
मादा एडीज मच्छर के काटने की वजह से डेंगू होता है। यह मच्छर गंदगी में नहीं बल्कि साफ जगह पर पनपते हैं। जो लोग शहरों में साफ-सुथरी जगहों पर रहते हैं उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा होता है।

यह चार प्रकार का होता है, टाइप-1, टाइप-2, टाइप-3, टाइप-4. बोलचाल की भाषा में इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं।

सवाल- डेंगू कौन से महीने में ज्यादा फैलता है?
जवाब-
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले जुलाई से अक्टूबर के महीने में देखने को मिलते हैं। कहने का मतलब यह है कि आमतौर पर डेंगू बारिश के मौसम में ही फैलता है। चूंकि पिछले कई सालों से दिवाली के पहले यानी अक्टूबर के महीने तक बारिश हो रही है। ऐसी सिचुएशन में पानी जमा होने की वजह से इसके केस बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है।

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सवाल- डेंगू के लक्षण क्या हैं?
जवाब-
लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि डेंगू बुखार किस प्रकार का है। ये तीन प्रकार के होते हैं–

  • साधारण डेंगू बुखार
  • डेंगू हॅमरेजिक बुखार
  • डेंगू शॉक सिन्ड्रोम

हॅमरेजिक बुखार में नाक, मसूड़े और उल्टी से खून आता है। डेंगू शॉक सिन्ड्रोम में मरीज बैचेन रहता है। कई बार होश खो देता है। इसमें बल्ड प्रेशर भी कम होने लगता है।

इन तीनों के 8 कॉमन लक्षण नीचे पढ़ें-

  • सिर दर्द
  • मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द
  • ठंड लगने के साथ बुखार चढ़ना
  • जी मिचलाना
  • उल्टी आना
  • आंखों में दर्द
  • स्किन पर लाल चकत्ते होना
  • मुंह का स्वाद खराब लगना

सवाल- अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो क्या करना चाहिए?
जवाब-
अपनी मर्जी से कोई ब्लड टेस्ट न कराएं। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, लक्षण बताएं। वह खुद आपका टेस्ट करवाएंगे।

सवाल– डेंगू में प्लेटलेट काउंट का क्या रोल है?
जवाब-
दरअसल, डेंगू तब और अधिक गंभीर हो जाता है, जब बीमार व्यक्ति के ब्लड में प्लेटलेट काउंट काफी कम होने लगता है।

प्लेटलेट थक्का बनाने वाली कोशिकाओं को कहते है। ऐसे में यदि आपका प्लेटलेट काउंट का स्तर पहले से ही कम है, तो दूसरों की तुलना में डेंगू से आप जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।

सवाल- प्लेटलेट के अलावा डेंगू में किसी और चीज पर ध्यान देना भी जरूरी है या नहीं?
जवाब-
प्लेटलेट्स की काउंटिंग करने से ज्यादा Hematocrit और ब्लड प्रेशर पर ध्यान देना जरूरी है। Hematocrit ब्लड में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा का प्रतिशत है। पुरुषों के लिए यह 45 और महिलाओं के लिए 40 होता है।

सवाल- Hematocrit बढ़ा है या नहीं, इस बात का किसी को भी पता कैसे चलेगा?
जवाब-
इसका पता कम्प्लीट ब्लड काउंट टेस्ट यानी CBC से लग जाता है। ये ब्लड सैंपल लेकर किया जाता है।

सवाल- बहुत से लोगों को बुखार आने पर कन्फ्यूजन होता है कि मलेरिया है या डेंगू है, तो कैसे पता लगेगा कि आपको डेंगू है या मलेरिया?
जवाब-
अगर आपको डेंगू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं या बुखार आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर आपका ब्लड टेस्ट करके इस बात का पता लगा लेंगे कि आपको डेंगू है या मलेरिया है। खुद से कोई भी टेस्ट कराने के चक्कर में न पड़ें, पहले डॉक्टर के पास जाकर ट्रीटमेंट लें।

सवाल- डेंगू से बचने का क्या तरीका है?
जवाब-
एक तो एडीज मच्छरों को पनपने न दें, दूसरा अगर हो जाएं, तो उन मच्छरों के काटने से बचें।

डेंगू के मच्छरों को पनपने से रोकने का तरीका हमने पहले ग्राफिक में ही बता दिया था। अब जान लीजिए कि अगर ये पनप जाएं, तो इनके काटने से आप खुद को कैसे बचा सकते हैं-

  • सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और दूसरे कंटेनरों से पानी निकालें।
  • मच्छरों के काटने को रोकने के लिए दिन के समय में एरोसोल का इस्तेमाल करें।
  • सोते समय मच्छरदानी का या मॉस्किटो रेपलेंट्स का इस्तेमाल करें।
  • फुल स्लीव वाले कपड़े पहनें।
  • घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम होते ही बंद कर दें।

चलते-चलते
डेंगू से रिलेटेड रिसर्च और आंकड़ों पर नजर डाल लीजिए-

अमेरिका की सबसे बड़ी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी CDC के अनुसार…

  • 100 से अधिक देशों में होने वाली एक आम समस्या डेंगू है।
  • लगभग 3 अरब लोग डेंगू इफेक्टेड एरिया में रहते हैं।
  • इनमें भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य भाग, चीन, अफ्रीका, ताइवान और मैक्सिको शामिल हैं।
  • नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम यानी NVBDCP के आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 में अकेले भारत में ही डेंगू के 67,000 से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे।

WHO के अनुसार…

  • दुनियाभर में हर साल लगभग 40 करोड़ लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं।
  • इनमें 80% केस माइल्ड और एसिम्टोमैटिक होते हैं।

LNJP अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश के अनुसार, एक स्टडी के मुताबिक…

  • सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में टेम्प्रेचर 20 से 35 डिग्री के बीच रहता है और इस टेम्प्रेचर में डेंगू मच्छर का लार्वा तेजी से पनपता है।
  • ज्यादातर डेंगू के मरीजों को अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • 95% मरीज OPD में दिखाने के बाद ही ठीक हो जाते हैं। जिन मरीजों के नाक या मुंह से खून निकल रहा है और बल्ड प्रेशर की शिकायत है, उनका अस्पताल में भर्ती कर इलाज करना जरूरी है।
  • बच्चों को भी उल्टी दस्त की शिकायत होने पर या 20 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर अस्पताल में भर्ती किया जाता है।

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