Mandsaur Breaking News: महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है लेकिन आज हम आपको मंदसौर जिले के दो ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने अपनी पत्नियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए अपने राजनीतिक करियर को विराम दे दिया। पूर्व जनपद सदस्य बैरागी जी की पत्नी दीपिका बैरागी को फूड पॉइजनिंग हो गई थी जिससे उनका हार्ट सिंक होने लग गया था। करीब 15 दिन के इलाज के बाद इंदौर बाम्बे अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। इंदौर में 1 माह तक इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ कर दिया लेकिन दिमाग में थक्का जम जाने से उन्हें पैरालाइसिस अटैक आ गया और उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया।

Mandsaur News: पैरालाइसिस अटैक आने के बाद दीपिका आंखें तक नहीं खोल पा रही थी। इसके बाद दोबारा इंदौर अस्पताल में इलाज हुआ और इसके बाद अंशुल बैरागी अपनी पत्नी को आगर मालवा के प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र ले गए। प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में उन्हें भाप स्नान,लेजर ट्रीटमेंट,एमएसटी, टेंस, चायनीज एक्यूपंचर, मिट्टी स्नान,पोटली मसाज जैसे इलाज दिए गए। इससे उनके स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार आया और वहां आंखें खोलने लगी, बैठने लगी और हाथ हिलाने लगी है। इसमें अंशुल बैरागी ने अहम भूमिका निभाई है। इलाज के दौरान अंशुल ने वकालत 2 महीने तक राजनीति छोड़ी।

अंशुल:- जब तक पत्नी स्वस्थ नहीं होगी मैं अन्न ग्रहण नहीं करूंगा

Mandsaur News: अंशुल बैरागी ने सिर्फ राजनीति ही नहीं छोड़ी बल्कि यह प्रण भी लिया कि जब तक उनकी पत्नी स्वस्थ होकर खुद रोटी नहीं बना लेती तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। वह केवल फल और दूध पी रहे हैं। अंशुल बैरागी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ लव मैरिज की थी और कॉलेज समय से दोनों आपस में बातें करते थे। उनके 7 साल का बेटा अर्चन और 5 साल की बालिका आराध्या भी है। अंशुल ने बताया कि वह दिन में दो से तीन घंटे दीपिका के साथ मजाक मस्ती करते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार दिख रहा है। इसके अलावा अंशुल ने यह भी कहा कि अगर मैं पत्नी की सेवा नहीं कर पाऊंगा तो जनता की सेवा कैसे कर लूंगा।

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