मंदसौर: चार मासूम बच्चों की मौत हो गई, सालभर में 12 युवकों और बच्चों की खदानों में डुबने से हुई मौत, ब्लेक में चल रही खदानें

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मध्यप्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में अगस्त के महीने में एक बंद खदान में 4 किशोरों की मौत हो गई। पूरे मंदसौर जिले में गिट्टी की खदानें नियमों के विरूद्ध और कई खदानें तो बिना अनुमति के संचालित की जा रही है। खदानों को प्रदूषण बोर्ड उज्जैन द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी किया गया लेकिन इसका कोई भी असर खदानों पर देखने को नहीं मिला। मौके पर कहीं भी तार फेंसिंग और अन्य सुरक्षा साधन नही मिले। इसी लापरवाही के चलते हर साल करीब 12 बच्चों और लोगों की मौत खदानों में गिरने की वजह से हो रहीं हैं। मामला सामने आने पर कलेक्टर गौतम सिंह ने खदानों की जांच के लिए सभी एसडीएम सहित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

मध्यप्रदेश न्यूज़: अगस्त के पहले सप्ताह में मुंदड़ी क्षेत्र की खदान में 4 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद उज्जैन प्रदूषण बोर्ड ने अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी किया था जिसके तहत खदान को सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। खदान चालू और बंद होने का समय भी निर्धारित किया गया था और खदान के चारों और तार फेंसिंग होना जरूरी है लेकिन जिले की एक भी खदान में तार फेंसिंग नहीं देखी गई है। इसे लापरवाही के कारण प्रतिवर्ष मंदसौर जिले में करीब 12 युवाओं की मौत खदान में गिरने की वजह से हो जाती है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता में लेते हुए एसडीएम को जिले की अवैध खदानों की जांच करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा टीम तैयार की गई है।

साल भर में निम्न युवाओं और बच्चों द्वारा गवाई गई जान

• कचनारा फ्लैग की खदान में 3 सितंबर 2021 को 3 बच्चों की डुबने से हुई मौत।
• गरोठ के इंडस्ट्रीज एरिया में अवैध खनन में डुबने से 2 बच्चों की हुई मौत।
• 27 सितंबर को दलौदा रेल की खदान में डुबने से युवक की मौत।
• 10 जून 2022 को 8-लेन पुलिया निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 2 बच्चों की मौत।
• 3 अगस्त 2022 को मुंदेडी़ खदान में डुबने से 3 बच्चों की हुई मौत।

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