मंदसौर:- वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को साल 2022-23 की नई अफीम नीति जारी कर दी है। चुनावी साल में सरकार ने अफीम काश्तकारों को खुश करने की नीति पर काम किया है। नई अफीम नीति से अफीम काश्तकार और किसान संगठन भी खुश है। उन्हें भी नई अफीम नीति रास आई है। लेकिन किसान नेता सीपीएस पद्धति के खिलाफ है।

मंदसौर अफीम नीति:- नई अफीम नीति के तहत साल 2022-23 के लिए अफीम उत्पादक किसानों को 10-10 आरी के लाइसेंस (पट्टे) दिए जाएंगे। इसमें वे किसान पात्र होंगे जिन्होंने मार्फिन की औसत उपज 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर दी है। सीपीएस पद्धति अंतर्गत साल 2021-22 में जिन किसानों ने मार्फिन की औसत उपज 3.0 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक दी है वे किसान भी पात्र होंगे। वे किसान जिनके अफीम लायसेंस साल 1999-2000 से 2021-22 के बीच घटिया घोषित कर दिए थे। उनमें से वे किसान भी पात्र होंगे जिन्होंने मार्फिन का अवयव 6 प्रतिशत से अधिक था। साथ ही वे किसान भी पात्र होगें जिन्होने साल 1998-99 से 2020-21 के दौरान लगातार 4 सालों तक ऐसी अफीम/मार्फिन जमा कराई है, जिनमें कुल एमक्यूवाय के 100 प्रतिशत या इससे अधिक है।

एनडीपीएस के आरोप से मुक्त किसान भी नई नीति में पात्र

मंदसौर अफीम नीति:- इसके अलावा एनडीपीएस के आरोप से मुक्त किसान भी नई नीति के अंतर्गत पात्र होंगे। इसके साथ ही किसान दो भू भूखंडो और लीज की भूमि पर भी अफीम की खेती कर सकेगा। इसके अलावा वे किसान जिनका किसी विशेष गांव में अफीम लाइसेंस है। लेकिन वे दूसरे गांव के निवासी है। उन्हें अपने गांव में अफीम एकत्रित करने की अनुमति मिलेगी।

मंदसौर:- साथ ही वे किसान भी जिन्होंने वर्ष 2021-22 में अपनी संपूर्ण खड़ी फसल की जुताई कर दी थी वे भी किसान अफीम की खेती कर सकेंगे। इसी के साथ ही वे किसान जो वर्ष 2021-22 में अफीम लायसेंस के पात्र थे लेकिन किसी कारण से अफीम लाइसेंस प्राप्त नहीं कर पाए थे वे किसान भी अफीम की खेती कर सकेंगे।

दो से अधिक भूखंडों पर अफीम बुआई नहीं कर सकेगा काश्तकार

मध्यप्रदेश न्यूज़: नई अफीम नीति के तहत किसान दो से अधिक भूखंडों पर अफीम की बुवाई नहीं कर सकते हैं। काश्तकार यदि चाहे तो लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पट्टे पर दूसरों की भूमि ले सकता है। लुइनी-चिरनी में 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से उपर मार्फिन देने वाले किसानों को भी 10-10 आरी के पट्टे दिए जाएंगे। वर्ष 1999 से 2021 तक 6 प्रतिशत से अधिक मार्फिन देने वाले किसानों को भी पट्टे दिए जाएंगे। वहीं सीपीएस पद्धति में 3 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से ऊपर तथा 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से नीचे मार्फिन देने वालों को भी 10-10 आरी के पट्टे दिए जाएंगे।

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