मंदसौर : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेशसिंह जमरा ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की धाराओं के उल्लंघन के आरोप में नितिन डायग्नास्टिक सेंटर के डा. कैलाश गर्ग को दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2000-2000 रुपये का अर्थदंड दिया है।

अभियोजन सहायक मीडिया सेल प्रभारी बलराम सोलंकी ने बताया कि 12 अक्टूबर 2018 को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रविधानों का उल्लंघन करने की सूचना मिलने पर तत्कालीन कलेक्टर ने पांच सदस्यों का दल गठित कर भेजा था। डिप्टी कलेक्टर रोशनी पाटीदार, नोडल अधिकारी पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट डा. राजेश सिसौदिया, महिला सशक्तीकरण अधिकारी रविंद्र महाजन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार खत्री, महिला बाल विकास विभाग की महिला सदस्य नीलोफर मंसूरी के दल ने नई आबादी में डा. कैलाश गर्ग द्वारा संचालित नितिन डायग्नास्टिक सेंटर पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान वहां अनियमितता मिली थी।

दल के जांच प्रतिवेदन पर 23 अक्टूबर 2018 को नितिन डायग्नास्टिक सेंटर की तलाशी एवं अभिग्रहण हेतु डिप्टी कलेक्टर संदीप शिवा, नोडल अधिकारी पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट डा. राजेश सिसौदिया, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार खत्री को अधिकृत किया गया था। दल द्वारा नितिन डायग्नास्टिक सेंटर की तलाशी डा. कैलाश गर्ग की उपस्थिति में लेकर संपूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी की और पंचनामा बनाया। जांच दल के द्वारा प्राप्त अभिलेखों का परीक्षण किया गया। अभिलेख के अवलोकन एवं जांच प्रतिवेदन के परीक्षण पर नितिन डायग्नास्टिक सेंटर पर सोनोग्राफी का पंजीयन नहीं मिला। पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की धारा 23 के अंतर्गत अपराध है। पीसी एंड पीएनडीटी नियम 1996 की धारा 17(1)(2),9,10 का भी उल्लंघन नितिन डायग्नास्टिक सेंटर पर मिला। संपूर्ण कार्यवाही मौके पर की गई।

पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रविधानों एवं नियमों का पालन नहीं करने पर आरोपित कैलाश गर्ग के विरुद्ध पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की धारा 23 व नियम के तहत कलेक्टर ने एक परिवाद सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। इस प्रकरण के विचारण पर दोनों पक्षों को श्रवण करने के बाद न्यायाधीश ने डा. कैलाश गर्ग को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 2000-2000 रुपये का अर्थदंड दिया है। प्रकरण में अभियोजन की तरफ से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी संजय वसुनिया एवं दीपक जमरा ने की।

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