राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने कहा

मंदसौर : कसाई तो एक झटके में मौत के घाट उतार देता है लेकिन क्रूरता जीवित व्यक्ति को मुर्दे के समान बना देती है। क्रूरता का तांडव नृत्य करने वाला राक्षस और शैतान से कम नहीं है जिस आत्मा में क्रूरता का प्रवेश होता है, वह खुद अशांत ओर असाध्य रोगों का शिकार होकर सद्भाव, प्रेम, तथा वात्सल्य जैसे आत्मीय गुणों की हत्या कर देती है।

यह बात राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि कमलेश ने कही। वे जैन दिवाकर प्रवचन हाल में धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंसा के फैलाव से धार्मिकता का दिवाला निकल जाता है। क्रूरता इंसान को पशुओं से भी हीन बना देती है। आत्मा को जन्म जन्मांतर तक दुर्गति का मेहमान बनाती है। यह तन को ही नहीं शरीर, विचार और आत्मा को मानसिक शारीरिक रोगों से ग्रस्त कर देती है। क्रूरता की बीमारी एक्सरे में नहीं आती हैं विज्ञान और चिकित्सोक के पास इसका कोई इलाज नहीं है। सिर्फ़ अध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से ही इससे मुक्ति पाई जा सकती है। चातुर्मास में श्री घनश्याम मुनिजी के 22 उपवास और सेवक भैरू कुमावत के 19 उपवास की तपस्या चल रही है। 7 अगस्त को तपस्वी श्री घनश्याममुनिजी के मास खमण की तपस्या का पूर्व अभिनंदन समारोह गोरक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

अमृत महोत्सव अंतर्गत सतर्कता डोज महाअभियान 3 को

मंदसौर: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा केएल राठौर ने बताया कि कोविड वैक्सीन अमृत महोत्सतव अंतर्गत 3 अगस्तत को सतर्कता डोज का महाअभियान चलाया जाएगा।

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