मध्यप्रदेश न्यूज़: जिले में तेज बारिश से सभी नदियां उफान पर गांधीसागर के सभी 19 गेट खुले

वर्षा का रौद्र : भादौ में भी शिवना ने किया पशुपतिनाथ महादेव का पूर्ण जलाभिषेक, गांवों के रास्ते हुए बंद, शहर के कई निचले क्षेत्रों में रात तक भरा रहा पानी। 

शिवना ने किया खतरे के निशान को पार

मध्यप्रदेश न्यूज़: मंदसौर में सोमवार से चल रहे वर्षा का दौर मंगलवार को जिले की सभी नदियों में उफान पर ले आया। सभी नदी-नाले उफान पर आने से गांवों में जाने वाले रास्तों को रोक दिया गया। वहीं नाहरगढ़-बिल्लौद मार्ग भी बंद हो गया। इसके अलावा गांधीसागर के जलग्रहण क्षेत्र में बरसात होने से पानी आवक 9 लाख क्यूेसेक तक पहुंच गई। और जलस्तर 1306 फीट से 1308 फीट तक पहुंच गया। इससे चलते सभी 19 गेट खोलकर 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे राजस्थान के कोटा सहित मप्र के श्योपुर, मुरैना में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया। सावन में 16 अगस्त को ही शिवना नदी ने श्री पशुपतिनाथ महादेव का पूर्ण जलाभिषेक किया था और अब भादौ में भी मंगलवार को शिवना नदी ने सुबह सुबह ही भगवान आशुतोष का पूर्ण जलाभिषेक कर दिया। लगभग 12 घंटे से भी अधिक समय तक शिवना का पानी मंदिर में गर्भगृह में रहा। शिवना नदी का पानी खतरे के निशान 430.000 मीटर को पार कर 430.320 मीटर तक पहुंच गया था। इसके और बढ़ने की संभावना के चलते ही जयपुर में स्थित केंद्रीय जल आयोग चंबल मंडल के कार्यालय से इस पर निगरानी रखी जा रही थी।

जिले में बारिश के रौध रूप से शिवना, तुंबड़, सोमली, रेतम, अंजनी, कंठाली सहित सभी नदियां व नाले उफान पर हैं। रात से ही हो रही बारिश के बावजूद कलेक्टर गौतमसिंह ने मंगलवार को सुबह लगभग 8 बजे जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया, जबकि इससे पहले ही बरसते पानी में भी कई बच्चे स्कूल के लिए निकल चुके थे। बाद में सभी वापस लौटे। इंटरनेट मीडिया पर काफी गांधीसागर जलाशय में पानी की आवक 9 लाख क्यूसेक पहुंचने के बाद जलभराव क्षेत्र में स्थित कई गांवों के मुहानों पर पानी पहुंच गया। वहां प्रशासन की टीमे पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया और उनके भोजन व अन्य व्यवस्थाएं की।

सोमवार रात से हो रही अनवरत बारिश के चलते मंदसौर की कुछ कालोनियों सहित निचली बस्तियों में भी पानी घुस गया है। अभिनंदन नगर क्षेत्र में स्थित अपना परिसर कालोनी में घरों के अंदर घुटनों तक पानी भर गया है। शनि विहार कालोनी, अशोक नगर,राजीव नगर में भी पानी घुस गया है। रेवास-देवड़ा मार्ग स्थित ऋषियानंद कुटिया के समीप वाली पुलिया का पानी रोड पर बह रहा है। शिवना में पानी की तेज आवक के चलते कालाभाटा डेम के चार गेट 10-10 फ़ीट और एक गेट 5 फ़ीट तक खोला गया। बाजखेड़ी का तालाब फूट गया है पानी खेतों में घुसने से फसलों को नुकसान हो सकता हैं।

गांधीसागर बांध को लेकर अलर्ट

मध्यप्रदेश न्यूज़: मंगलवार सुबह 9 बजे से गांधीसागर बांध के सभी 19 गेट खोल दिए गए। वर्तमान जलस्तर 1308.32 फीट तक पहुंच गया है। बांध में पानी की आवक एकाएक बढ़कर 9 लाख 21 हजार 922 क्यूसेक हो गई। जबकि सभी गेटो से मिलाकर बांध से पानी की निकासी 4 लाख 21 हजार 619 क्यूसेक ही हैं। जिला प्रशासन में रविवार रात से ही गांधीसागर बांध क्षेत्र की 5 किमी की परिधि में धारा 144 लगा दी थी। बांध के ऊपर ड्रोन एवं वीडियोग्राफी भी प्रतिबंधित की गई थी। गांधीसागर बांध की स्थिति सहित संपूर्ण जिले में बारिश को लेकर अलर्ट है।

जनप्रतिनिधि मैदान में उतरे उसके बाद दिखने लगा प्रशासनिक अमला

मध्यप्रदेश न्यूज़: दो तीन दिन पहले से ही तेज बरसात की चेतावनी के बाद भी जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन पर्याप्त तैयारियां नहीं कर पाया। सोमवार रात से ही जिले भर में तेज बरसात हो रही थी और अमला आराम में था। यहां तक की सुबह की पाली के स्कूलों में बच्चे पहुंच गए उसके बाद जाकर कलेक्टर ने छुट्टी घोषित की। हर साल अशोक नगर में पानी भरता हैं फिर भी सुबह से कालोनी के लोगों के बाहर नहीं निकाला गया। सुबह जब विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, नपाध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर, रेडक्रास जिला प्रबंध समिति चेयरमेन प्रीतेश चावला सहित पार्षद व अन्य लोग इन बस्तियों में निरीक्षण पर पहुंचे तब जाकर प्रशासनिक अमले की नींद खुली और फिर पानी निकासी के लिए अतिरिक्त पम्प लगाने से लेकर लोगों को बाहर निकालने व ठहराने की व्यवस्था की गई। वहीं वाहवाही लूटने के लिए जनसंपर्क के माध्यम से एक-दो जगह खड़े कर्मचारियों की फोटो भी इंटरनेट मीडिया पर डाली गई।

भावगढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 240 मिमी, मल्हारगढ़ में सबसे कम 84 मिमी हुई

मध्यप्रदेश न्यूज़: सोमवार रात से मंगलवार सुबह से लगभग 8 से 9 घंटों में जिले में सबसे ज्यादा 240 मिमी बरसात भावगढ़ क्षेत्र में दर्ज की गई हैं। इसके चलते ही शिवना, सोमली नदी उफान पर आई। सोमली नदी का पानी फतेहगढ़ में भी घुस गया। इसके अलावा सबसे कम 84 मिमी बरसात मल्हारगढ़ में दर्ज की गई।

मंदसौर जिले में अभी तक हुई बारिश (मिमी में)

स्थान 24 घंटे में 23 अगस्त 22 23 अगस्त 21

मंदसौर 133.8 853.0 681.0

सीतामऊ 146.6 749.6 721.2

सुवासरा 184.4 1027.6 773.9

गरोठ 133.8 1318.6 957.2

भानपुरा 162.0 1094.4 788.6

मल्हारगढ़ 84.0 676.0 659.0

धुंधड़का 140.0 857.0 631.0

शामगढ़ 236.0 1110.0 594.3

संजीत 209.0 739.0 378.0

कयामपुर 161.2 671.0 538.0

भावगढ़ 240.0 899.7 0.0

औसत 166.41 908.3 672.2

(स्त्रोत : भू-अभिलेख मंदसौर, आंकड़े 22 अगस्त सुबह 8 बजे तक के)

गांधीसागर का जलस्तर 1308.32।

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