खेतों में नुकसान देखने नहीं पहुंचे अधिकारी : Mandsaur News

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जलभराव से फसलों में नुकसान निचले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास वाले खेतों में अधिक नुकसान

कृषि विभाग के अधिकारी कह रहे नुकसान की सूचना किसान दें, फिर सर्वे के लिए पहुंचेगी टीम

मंदसौर : जिले में अधिक वर्षा से खेतों में पानी भर गया है। निचले क्षेत्रों व नदी-नालों के समीप के खेतों में अधिक नुकसान किसान बता रहे है। गरोठ क्षेत्र में अधिक वर्षा से हालत यह है कि खेतों में किसान पहुंच भी नहीं पा रहे है। इसके साथ ही सोयाबीन की फसल पर पीला मोजक वायरस ने भी हमला किया है। इसके कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। लेकिन अब तक अधिकारी खेतों में सर्वे के लिए नहीं पहुंचे है। कृषि विभाग के उप संचालक का कहना है कि किसान अपने खेतों में अति वर्षा से हुए नुकसान के संबंध में सूचना दीे, इसके बाद सर्वे के लिए टीम पहुंचेगी। वहीं किसानों का कहना है कि फसलों में पीला मोजक के कारण नुकसान हो रहा है वहीं खेतों में पानी भरा होने से फसले गलने लगी है। किसानों की विभिन्ना समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ 15 सितंबर को सभी तहसील मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

पानी से भरे खेत, सोयाबीन में पीला मोजक वायरस ने भी किया हमला

गरोठ। फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अधिक वर्षा होने से खेतों में पानी भरा हुआ है। वहीं सोयाबीन की फसल में पीला मोजक वायरस ने भी हमला किया है। जिसके कारण फसलों में नुकसान हो हा है। किसानों का कहना है कि लगातार वर्षा होने से कीटनाशक का प्रभाव भी फसलों पर नहीं हो रहा है। फसलों में पीला मोजक रोग होने से किसान चिंतित है। गुरुवार को क्षेत्र में सुबह ठंडी हवाएं चलती रही। चार दिनो तक हुई वर्षा से जल स्त्रोत लबालब भर गये है। वहीं निचले क्षेत्रो के खेतों में भी पानी भरा हुआ है। इसके कारण किसान खेतों में काम नहीं कर पा रहे है। गुरुवार को वर्षा रुकी रही, जिससे आम जनजीवन को राहत मिली है।

अति वर्षा से फसल नुकसान की सूचना दें किसान

कृषि विभाग के उप संचालक डा. आनंदकुमार बड़ोनिया ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगातार वर्षा से कुछ खेतों में जलभराव व फसल नुकसान की सूचना मिल रही है। मंदसौर में किसानों द्वारा विभिन्ना फसले अपने खेत में लगाई गई है। साथ ही किसानों द्वारा अधिसूचित फसलों का फसल बीमा भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कराया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना दी जाना अनिवार्य है। जिससे अतिवर्षा के प्रकरणों में किसानों के खेत का सर्वे कार्य समय सीमा में किया जा सके। किसान एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नं. 1800 233 7115 पर फसल नुकसान की सूचना दे सकते है। फसल बीमा होने पर अति वर्षा से फसल नुकसान की सूचना अवश्य दें और प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ उठायें।

सोयाबीन व सीजन की सभी फसलों में बीमारी का प्रकोप है। इन बीमारियों पर किसान किस तरह से नियंत्रण करें, इसके लिए कृषि विभाग व कृषि विज्ञानियों को किसानों को आवश्यक सलाह देना चाहिए, ताकि फसलों को बीमारियों से बचा सके।

मुकेश जाट चौधरी, किसान, काचरियाजाट

खेतों में पानी भरने से बहुत नुकसान हुआ है। खेतों में काम करने के लिए खेतों के अंदर जाने में भी परेशानियां हो रही है। फसले गलने लगी है। जल्द सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।

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