हॉरर स्टोरी: एमपी में पुलिस वाले की दरीदंगी, रेप करके बोला “पत्नी का अंग अंग दागा तेरा भी दागू”, सभी डीएनए सबूत मिटाए

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मध्यप्रदेश न्यूज़: एमपी में छिंदवाड़ा जिले की एक्ट दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिसने भी यह खबर पढ़ी उसके रोंगटे खड़े हो गए। दरअसल हुआ यह कि रेप पीड़िता का आरोपी स्वयं पुलिस वाला ही निकला और लड़की है जब इसके खिलाफ आवाज उठाई तो सारे सबूत मिटा दिए गए। पुलिस वाले ने सबसे पहले लड़की को जो ठीक बात बोल कर अपने चंगुल में फसाया लेकिन जब लड़की को सच्चाई पता चली तो पुलिस वाले ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी भी दी। 


मध्यप्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक रेपिस्ट पुलिस वाले को बचाने पर सरकार को फटकार लगाई है। मामला यह था कि एक लड़की के साथ पुलिस वाले ने दुष्कर्म किया था और जब लड़की इसके लिए इंसाफ मांगने गई तो पुलिस अफसरों ने उसके राह में मुश्किलें बिछा दी और रेपिस्ट पुलिस वाले को बचाने के लिए पुलिस अफसरों ने पूरे प्रयास किए। मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार से एडीजी उमेश जोगा, छिंदवाड़ा एसपी विवेक अग्रवाल और सिविल सर्जन शिखर सुराणा को हटाने के लिए कहा है। चलिए हम आपको बताते हैं कि लड़की ने अपना दर्द किस प्रकार से बयां किया।

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पीड़िता की बात सुन आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे

मध्यप्रदेश न्यूज़: लड़की ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हम तीन बहने हैं और पापा नहीं है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और दूसरे नंबर पर मैं हूं, माही पूरे घर को संभाल रही है इसलिए सोचा था कि पढ़ाई करके नौकरी करूंगी जिससे घर पर मां की मदद कर सकूं। इसी जुनून से b.a. पास कर अपने रिश्तेदारों का पता लगाकर छिंदवाड़ा पहुंची। मैं पहली बार ही छिंदवाड़ा गई थी और छोटा-मोटा काम करने के साथ-साथ आगे की पढ़ाई करना चाहती थी। कॉलेज में एडमिशन मिल चुका था और किराना की दुकान पर काम भी मिल चुका था। 

मध्यप्रदेश न्यूज़: पहले दिन रिश्तेदारों ने मुझे कॉलेज तक पहुंचा दिया और वापस आने का रास्ता भी बताया था लेकिन मैं भटक गई थी। इस दौरान जब मैंने चौराहे पर खड़े पुलिस वाले से पता पूछा और यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती हो गई। इसके बाद पुलिस वाले ने मेरा पीछा शुरू कर दिया और मेरी मां के पास पहुंच गया और बोलना कि मैं आपकी ही जाति का हूं, और आपकी बेटी से शादी करना चाहता हूं। मां ने मुझे कहा था कि ” कभी कभी बात कर लिया कर….!”

मध्यप्रदेश न्यूज़:  जब मैं कॉलेज जाती थी तो पुलिस की वर्दी पहन कर रास्ते में आ जाता था और मना करने के बावजूद भी मुझे बार-बार फोन लगाता था। दिवाली से पहले मैं घर जाने की तैयारी कर रही थी। मेरी सहेली दिवाली की छुट्टियां लेकर घर जा चुकी थी। मेरी दुकान की सैलरी आने में दो-तीन दिन बाकी थे इसलिए मुझे वहीं रुकना पड़ा। इस दौरान मेरी पुलिस वाले से थोड़ी पहचान हो गई थी। इसके बाद जिस दिन मुझे घर आना था तो पुलिसवाला बोला कि यहां से मेरे कमरे पर चलो, वहीं से तुम्हें बस स्टैंड छोड़ दूंगा। मैं उसके साथ उसके घर पहुंच गई। वह किसी कार्य से बाहर चला गया था तभी मेरी नजर उसके आधार कार्ड पर और पत्नी के साथ तलाक के कागजों पर पड़ी।

छिंदवाड़ा रेप आरोपी



मध्यप्रदेश न्यूज़: दस्तावेज और आधार कार्ड देखने के बाद मुझे उसकी सच्चाई पता चली। उसका असली नाम अजय साहू था और उसने मेरी मां से झूठ बोला था। जब वह घर लौटा तो उसके कपड़ों में से शराब की बदबू आ रही थी। मैंने दोबारा उस से नाम पूछा तो वह बोला कि पहले ही बता चुका हूं बार-बार क्यों पूछ रही हो। तभी मैंने उसके सामने सच्चाई बता दी। यह सुनने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और मेरे कपड़े उतार कर शैतान की तरह मारपीट करना शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी ने मेरा सिर दीवार से फटकार और बाल पकड़कर मेरे को घसीटा। इसके बाद आरोपी ने मेरे साथ जो कुछ किया मैं उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती लेकिन जब भी वह अदृश्य मेरे सामने आता है तो मैं पूरी तरह डर जाती हूं। मुझे विश्वास नहीं होता कि उस वर्दी के पीछे एक वहशी दरिंदा छुपा हुआ था।

मध्यप्रदेश न्यूज़: सिर्फ यही नहीं दुष्कर्म करते हुए आरोपी ने मुझसे यह कहा कि-” सिर्फ तुम ही नहीं, मैंने बहुत लड़कियों के साथ ऐसा किया है”। कुछ लड़कियों को तो मैंने मार कर फेंक दिया है जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। आरोपी ने गुस्से गुस्से में यह भी कह डाला कि मेरी पत्नी के शरीर का कोई भी ऐसा अंग नहीं बचा है जहां मैंने सिगरेट नहीं दागी हो। मैं तुम्हारा भी यही हाल करूंगा। यह कह कर वह मेरे साथ दें इस प्रकार की हरकत करने की कोशिश करने लगा और मेरे शरीर को नोचने लगा। 

मध्यप्रदेश न्यूज़: जब मैंने बाथरूम जाने का बहाना किया तो पहले उसने मना कर दिया। इसके बाद वह खुद मुझे बाथरूम तक कैसे पता हुआ लेकर आया लेकिन उसने शरीर पर कपड़े नहीं पहन रखे थे तभी मैं शोर मचाने लगी लेकिन आरोपी ने दोबारा मेरे बालों को पकड़कर मुझे घसीटना शुरू कर दिया। इस दौरान मैंने चैनल गेट पकड़ लिया और कहा कि तुम मुझे मार डालो लेकिन मैं अंदर नहीं आऊंगी। उसमें कपड़े नहीं पहन रखे थे इसलिए वह बाहर नहीं आ पाया और मोहल्ले की एक महिला आई तो वह अंदर भाग गया। 

मध्यप्रदेश न्यूज़: मोहल्ले वालों की मदद से मैं अपने रिश्तेदारों के वहां पहुंची। मेरे शरीर पर चोट के निशान देख रिश्तेदारों ने कारण पूछा लेकिन मैंने कुछ नहीं कह कर बात को दबा दिया। मेरी चुप्पी देखकर आरोपी और आक्रमक हो गया और फोन लगाकर धमकियां देने लगा। फोन पर धमकी देते हुए पुलिस वाले ने यह भी कहा कि मैं कॉलेज आकर सबके सामने तेरे कपड़े उतार लूंगा और तेजाब डालकर तेरा मुंह जला दूंगा। इसके बाद में पूरी तरह बिखर चुकी थी। इसके बाद मैंने पुलिस स्टेशन जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जब भी मैं किसी पुलिस वाले को देखती हो तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं हालांकि जो हो मैडम मेरे केस को हल करने आई थी वह मेरी बड़ी बहन जैसी लग रही थी। 

छिंदवाड़ा रेप न्यूज़



मध्यप्रदेश न्यूज़: एफ आई आर के कुछ दिनों बाद मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं तो कोर्ट के आदेश पर मेरा गर्भपात कराया गया। इसके बाद मुझे कॉल आया कि ₹800000 में समझौता कर लो लेकिन मैंने ठान लिया था कि चाहे आरोपी 1 करोड़ रुपए क्यों नहीं देदे मैं समझौता नहीं करने वाली। मैं चाहती हूं कि और भी लड़कियां ऐसे भेड़िए के चंगुल में नहीं फंसे। मैंने छोटी बहन की शादी करवा दी है मैं तो पूरी तरह से टूट चुकी हूं। अब मां की और मेरी जिम्मेदारी मेरे पर ही आ गई है। मैं दोबारा हिम्मत करके कॉलेज जाना शुरु कर रही हूं मुझे समझौता करने के लिए रोजाना धमकी भरे कॉल भी आ रहे हैं लेकिन मैं रुकने वाली नहीं हूं। मैं चाहती हूं कि वह दरिंदा ऐसा किसी लड़की के साथ नहीं कर पाए। उसके खिलाफ आवाज उठाउगी। 

पुलिस ही नहीं बल्कि डॉक्टर ने भी बड़ी लापरवाही बरती है

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मध्यप्रदेश न्यूज़: यह असली कहानी सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए हालांकि आप यह भी जान ले कि दुष्कर्म होने के बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई थी ,जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर उसका गर्भपात कराया गया। गर्भ के भ्रूण की जांच को लेकर पुलिस को डॉक्टर ने लापरवाही बरती। डीएनए टेस्ट को करने के लिए उसे स्लाइन वाटर में रखना था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके बाद डीएनए की जांच ही नहीं हो सकी। कोर्ट ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एडीजी, एसपी और सिविल सर्जन की भूमिका संदिग्ध है। इन्हें जिले से बहुत दूर भेज दिया जाए ताकि यह सबूतों के साथ और खिलवाड़ नहीं कर सके। हाई कोर्ट ने तीनों को हटाने के निर्देश दिए हैं, अब मामले की जांच सीबीआई की टीम करेगी। 

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