मध्य प्रदेश न्यूज़: हेलीकॉप्टर से दुल्हन लेने पहुंचा मंदसौर का दूल्हा, पिताजी का सपना था दुल्हन हेलीकॉप्टर से घर पहुंचे

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मध्यप्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में एक और अजीब खबर सामने आई है जिसमें एक दूल्हा हेलीकॉप्टर लेकर अपने ससुराल दुल्हन को लेने पहुंचा। दूल्हे के पिता जी ने बताया कि उनका सपना था कि उनकी दुल्हन हेलीकॉप्टर में बैठकर घर पहुंचे।


मध्यप्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में एक दूल्हा हेलीकॉप्टर से बारात लेकर अपने ससुराल पहुंचा। दूल्हे का हेलीकॉप्टर से बारात लेकर जाने के पीछे कोई बड़ा कारण नहीं है बल्कि सिर्फ दूल्हे के पिता का सपना था कि उनके बेटे की दुल्हन हेलीकॉप्टर में सवार होकर घर आएं। अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए ही शादी में बेटे ने हेलीकॉप्टर बुक किया और दूल्हा अपने परिवार समेत हेलीकॉप्टर में बैठकर दुल्हन लेने पहुंच गया।  मामला मंदसौर जिले के बड़वन गांव का है। बड़वन गांव के निवासी रमेश धाकड़ का सपना था कि उनके बेटे की दुल्हन हेलीकॉप्टर से घर आए। अब रमेश धाकड़ का यह सपना पूरा हो गया। रमेश धाकड़ के बेटे यशवंत की सगाई रतलाम जिले के रियावन गांव में भावना के साथ तय हुई थी। सभी शादी की रस्म पूरी होने के बाद जब गांव में दूल्हे की बारात लेने हेलीकॉप्टर पहुंचा तो पूरे गांव की जनता यह नजारा देखने के लिए उमड़ पड़ी। इसके लिए गांव में ही हेलीपैड बनाया गया था और शाम को बारात रतलाम यशवंत के ससुराल पहुंच गई। रमेश धाकड़ के बेटे यशवंत ने बताया कि बारात कार से ले जाने का प्लान बनाया जा रहा था लेकिन उनके पिता ने कहा कि दुल्हन हेलीकॉप्टर से ही गर आनी चाहिए इसलिए हेलीकॉप्टर से बारात ले जानी पड़ी। 

बारात लाने और ले जाने के लिए 8 लाख रुपए में बुक किया था हेलीकॉप्टर 

मध्यप्रदेश न्यूज़: दूल्हे के पिता ने बताया कि वह अपने बेटे की तरह बहू को भी तमाम खुशियां देना चाहते हैं इसलिए वहां हेलीकॉप्टर से अपनी दुल्हन को घर लाना चाहते थे। इसके लिए दूल्हे के पिता ने बारात लाने और ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर ₹800000 में बुक किया था। रमेश धाकड़ ने हेलीकॉप्टर निजी एविएशन कंपनी से बुक किया था। हेलीकॉप्टर से दो राउंड में 8 लोग बारात लेकर पहुंचे बाकी अन्य मेहमान बस और अन्य वाहनों से दूल्हे के ससुराल पहुंचे। जानकारी में बताया गया है कि रमेश धाकड़ एक सामान्य किसान है और गांव में किराना की दुकान है इसके अलावा रमेश धाकड़ देख 25 बीघा जमीन भी है। बेटा यशवंत भी पिता के कार्य में हाथ बटाता है। यशवंत रमेश धाकड़ के एकमात्र बेटा है और इसीलिए वह उसकी शादी में किसी प्रकार की कमी नहीं रखना चाहते थे। शादी में आए सभी मेहमानों को भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और माता जानकी सीता माता की तस्वीर दी गई ताकि लोग भगवान श्री राम और सीता माता के पद चिन्हों पर चले। 

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