मध्यप्रदेश न्यूज़: लहसुन के भाव कम मिलने पर मंदसौर मंडी के बाहर किसानों ने किया मुख्य मार्ग जाम, एसडीएम ने पहुंचकर किसानों को समझाया

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मध्य प्रदेश न्यूज़: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की कृषि उपज मंडी प्रदेश की बड़ी मंडियों में जानी जाती है। दूर-दूर से किसान यहां अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं। मंदसौर कृषि उपज मंडी वर्तमान में 5 दिनों के लिए अवकाश था। 5 दिनों के अवकाश के बाद कृषि उपज मंडी मंदसौर 4 अप्रैल को शुरू हुई थी, जहां पहले दिन ही लहसुन के फिल्ड में किसी मसले के कारण किसानों ने धरना दे दिया और इसके बाद एसडीएम को कृषि उपज मंडी में आना पड़ा।


मध्यप्रदेश न्यूज़: मामला मंदसौर शहर की कृषि उपज मंडी का है जहां किसानों द्वारा लहसुन की फील्ड में धरना प्रदर्शन दिया गया। दरअसल मामला यह था कि प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी और अच्छे दाम मिलने के कारण दूर-दूर से किसान मंदसौर कृषि उपज मंडी में पहुंचते हैं। प्रतिवर्ष मंदसौर कृषि उपज मंडी में लहसुन के दाम अच्छे मिलने से किसान अपनी लहसुन लेकर कृषि उपज मंडी मंदसौर पहुंचते हैं। 5 दिनों के अवकाश के बाद मंदसौर मंडी मैं आज नीलामी शुरू हुई थी और किसानों को लहसुन के दाम अच्छे मिलने की उम्मीद थी लेकिन आज लहसुन के भाव कुछ किसानों को सिर्फ 300 रुपए प्रति क्विंटल ही मिला। इतना खर्चा होने के बाद लहसुन के भाव कम मिलने से किसान नाराज हो गए और अपना समूह बनाकर कृषि उपज मंडी मंदसौर में धरना देने बैठ गए। इसके बाद मुकेश से धरना स्थल पर मंडी कमेटी पहुंची। इसके बाद भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा और आखिरकार एसडीएम को मंदसौर मंडी में किसानों को समझाने आना ही पड़ा।

लहसुन के कम भाव के अलावा भी किसानों ने अपनी समस्याएं बताई

Mandsaur Mandi news


मध्यप्रदेश न्यूज़: किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद एसडीएम मौके से कृषि उपज मंडी मंदसौर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। किसानों ने अपनी समस्याएं एसडीएम को बताते हुए कहा कि लहसुन में इतना खर्चा होने के बाद भी भाव इतने कम मिल रहे हैं कि आधा खर्चा भी नहीं निकल पा रहा है। इसके अलावा किसानों ने कृषि उपज मंडी मंदसौर की व्यवस्था की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि-

• कृषि उपज मंडी में किसानों को सही प्रकार से पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ी मंडी होने के बाद भी मंडी प्रशासन ने कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाएं बिगाड़ रखी है। कुछ प्याऊ तो हमेशा खाली पड़ी रहती है।

• इसके अलावा किसानों ने अपनी समस्या बताते हुए यह भी कहा कि इतनी बड़ी मंडी होने के बावजूद भी किसानों के सोने की व्यवस्था नहीं की गई है ,जिससे किसानों को खुले मैदान में अपनी उपज के पास ही रात गुजारनी पड़ रही है।

• इतनी समस्याएं देखने के बाद भी किसानों को लहसुन के दाम सही नहीं मिल रहे हैं। इसी से नाराज होकर किसानों ने धरना प्रदर्शन किया और एसडीएम से मंडी की व्यवस्था सुधारने की मांग की।

° कुछ किसानों का कहना है कि उन्हें 4 दिन मंडी में ही हो चुके हैं लेकिन अभी तक उपज की नीलामी नहीं हुई है। सोने की व्यवस्था नहीं होने से रात को मच्छर परेशान कर रहे हैं।

एसडीएम ने किसानों को समझाया और व्यापारीयों से बातचीत की

मध्यप्रदेश न्यूज़: एसडीएम ने मौके से पहुंचकर धरना प्रदर्शन दे रहे किसानों को समझाया और उनकी समस्याओं को जल्द ही खत्म करने का वादा किया। मंडी व्यवस्था प्रशासन के हाथ होने के कारण पूरी व्यवस्था बिगड़ी हुई है। कृषि उपज मंडी में नियमों का पालन नहीं होने से किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम ने किसानों की समस्या सुनने के बाद लहसुन के भाव बढ़ाने का आश्वासन दिया और सभी व्यापारियों को अपने पास बुलाकर बातचीत की। किसानों ने एसडीएम से कहा कि ₹400 प्रति क्विंटल लहसुन बिकने से किसानों को आने जाने का पैसा भी नहीं मिल पा रहा है। फिर हाल किसानों ने अपनी लहसुन बेचने से इनकार कर दिया है और कल दोबारा से किसानों की लहसुन की नीलामी की जाएगी।

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