Mp News: यूक्रेन महायुद्ध में सभी देशवासी हर घंटे मौत से खेल रहे हैं हजारों भारतीय भी फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुछ भारतीयों को सुरक्षित देश लाया गया है लेकिन बहुत सारे भारतीय अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। ऐसी ही यूक्रेन में फंसी मध्यप्रदेश के नीमच जिले की एक बेटी महायुद्ध के बीच भादवा माता का नाम लेकर 25 किलोमीटर पैदल चली और पोलैंड बॉर्डर पर पहुंच गई। तब तक बेटी को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

Mp News: दरअसल यूक्रेन और रूस के बीच महायुद्ध चल रहा है। इस बीच लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है लेकिन नीमच की एक बेटी यूक्रेन के एक शहर से भादवा माता का नाम लेकर पैदल निकल पड़ी। नीमच की बेटी लगभग 25 किलोमीटर पैदल चली और चलते चलते पोलैंड की बॉर्डर तक पहुंच गई। अब पोलैंड बॉर्डर से वहां की सरकार बेटी को भारत छोड़ेगी। यूक्रेन में हो रहे युद्ध के कारण वहां पर पढ़ाई कर रहे भारतीय विद्यार्थियों पर संकट आ गया है। कई विद्यार्थी अपनी जान बचाकर वहां से निकल चुके हैं लेकिन कई विद्यार्थी अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। भारत के भी कई विद्यार्थी यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे थे, जिन्हें भारत सरकार वापस लाने का प्रयास कर रही है। इसी प्रकार नीमच शहर की बेटी लुभांसी यूक्रेन में रहकर पढ़ाई कर रही थी। 

मम्मी के कहने पर भादवा माता का नाम लेकर निकल पड़ी पैदल

Mp News: लुभांसी यूक्रेन में रहकर वर्ष 2019 से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी। लुभांसी की माता भानु अंब ने बताया कि उनकी बेटी लुभांसी से उनकी लगातार बात हो रही है। जब बेटे ने अपनी मां को बताया कि यहां से पोलैंड बॉर्डर 25 किलोमीटर की दूरी पर है और जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही यहां पर ठंड भी बहुत पड़ रही है। इसके बाद लुभांसी की मम्मी भानु अंब ने कहा कि भादवा माता का नाम लेकर पैदल निकल जाओ, तब बेटी अपने दोस्तों के साथ भादवा माता का नाम लेकर पैदल निकल पड़ी। इस बीच वहां पैदल चलकर यूक्रेन से पोलैंड बॉर्डर पहुंच गई। पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने के लिए लड़कियों ने लगभग 25 किलोमीटर का सफर तय किया और अब वहां से सरकार द्वारा बेटियों को भारत लाया जाएगा। बेटियों ने अपने डॉक्यूमेंट पहले ही भेज दिए हैं। 

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