धोखाधड़ी करके करवा ली मकान की रजिस्ट्री 

मंदसौर में धोखाधड़ी का प्लाट की रजिस्ट्री करने का मामला सामने आया है। मामला यह है कि शामगढ़ थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी कर मकान की रजिस्ट्री कराने के मामले में शामगढ़ से आई पुलिस द्वारा राम टेकरी पर दबिश दी गई। पुलिस मामले के मुख्य आरोपी संतोष शर्मा की तलाश कर रही है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी कि संतोष शर्मा द्वारा 17.40 लाख रुपए का चेक देकर काटा पीटी कर दी थी और पीड़ित पक्ष को अपनी बातों के झांसे में लाकर मकान की रजिस्ट्री करवा ली थी। इसके बाद संतोष शर्मा की राजनीति में पहचान होने के कारण पीड़ित पक्ष को प्रताड़ित भी किया गया। कुछ समय पहले ही पुलिस ने बड़ी मुश्किल से आरोपी के ऊपर मामला दर्ज किया था और अब जाकर आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

शामगढ़ का मकान और मंदसौर का आरोपी 

जानकारी में बताया गया है कि शामगढ़ में रहने वाले कन्हैयालाल कालरा के मकान को आज से लगभग 10 साल पहले मंदसौर में राम टेकरी पर रहने वाले संतोष शर्मा ने 2000000 रुपए में खरीदने का सौदा किया था। इस मामले में संतोष शर्मा ने 50 50 हजार रुपए के दो चेक दिए थे। यह दोनों चेक तो बैंक से बिना किसी दिक्कत के आसानी से पास हो गए थे। इसके बाद संतोष शर्मा ने मकान मालिक कन्हैयालाल कालरा को 17.40 लाख रुपए का चेक दिया था लेकिन उस चैक में संतोष शर्मा ने जानबूझकर काटा पीटी कर दी थी। इस प्रकार से संतोष ने पूरे पैसे देकर कन्हैयालाल से मकान की रजिस्ट्री करवा ली थी। इसके बाद चेक में काटा पीटी होने के कारण बैंक में चेक वापस कन्हैयालाल को लौटा दिया उसके बाद से कन्हैया लाल इधर उधर चक्कर ही लगा रहे हैं। कन्हैयालाल ने आरोपी संतोष शर्मा पर यह भी आरोप लगाया है कि मकान को रजिस्ट्री करते समय भी संतोष शर्मा ने गड़बड़ी करने की कोशिश की थी और श्रीमती संतोष शर्मा के नाम से रजिस्ट्री करवा रहे थे। 

संतोष शर्मा ने फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक से 18 लाख का लोन भी ले लिया

पीड़ित कन्हैयालाल कालरा ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी संतोष शर्मा ने धोखे से मकान की रजिस्ट्री करवा ली थी और काटा पीटी वाला चेक दिया था जिसे बैंक ने वापस दे दिया था। तभी से कन्हैयालाल आज तक उसी चैक को लेकर घूम रहा था। कन्हैयालाल या आरोप लगाते हुए बताएं कि सिर्फ यही नहीं बल्कि संतोष शर्मा ने मकान की रजिस्ट्री कराने के साथ-साथ हरजी दस्तावेज बनाकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 18 लाख रुपए का लोन भी ले लिया था। चेक देने के बाद संतोष शर्मा ने अभी तक वापस पलट कर नहीं देखा और कई बार कन्हैयालाल ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है लेकिन राजनीतिक प्रभाव होने के कारण कार्यवाही नहीं की गई है। कुछ समय पहले एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने शामगढ़ पुलिस को कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद शामगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पीड़ित को 10 सालों से इधर उधर घुमाया जा रहा है। शामगढ़ थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति ने बताया कि कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम ने रामटेकरी स्थित संतोष शर्मा के घर पर दबिश दी थी लेकिन वहां पर उनके पिताजी थे और आसपास वालों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि संतोष शर्मा काफी दिनों से दिख नहीं रहे हैं। खबर मिले हैं कि वह इंदौर में रह रहे हैं अब वहां जाकर दबिश दी जाएगी।

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