नारायणगढ़ पुलिस की सक्रता से हुआ अंधे कत्ल का पर्दा फाश हत्या करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार।

जानकारी के अनुसार दिनांक 4-2-2022 पुलिस चौकी बड़ा थाना नारायणगढ़ पर सूचना प्राप्त हुई की रामबी खेड़ी मगरे पर एक अज्ञात व्यक्ति कचे रास्ते पर पड़ा है। सूचना के अनुसार वह जाने पर एक व्यक्ति मृत अवस्था मे पड़ा पाया। जिसकी पहचान कराते उक्त व्यक्ति नानूराम पिता कालू लाल धनगर उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम लिंबासा थाना नारायणगढ़ का होना ज्ञात हुआ। जिस पर से मार्ग क्रमांक तीन बटे दो 2022 धारा 174 जाफो का पंजी पत्र कर जांच में लिया गया। 


जाट से मामला धारा 302 भादवीका पाया जाने से अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना नारायणगढ़ पर अपराध क्रमांक 56 बटे 2022 धारा  302 भादवी का पंजी पत्रकर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक मंदसौर अनुराग पूजानिया के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Dr. अमित वर्मा व अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ़ त्रिलोक चंद्र पवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में नारायणगढ़ पुलिस टीम द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए लगातार अज्ञात आरोपी की जांच करते मुखबिर सूचना की मदद से अनुसंधान में ज्ञात हुआ कि ईश्वर लाल एवं सुंदर लाल गुर्जर ने मृतक को अपने साथ अंतिम बार पार्टी करने को बोला था। 


ईश्वर लाल एवं सुंदर लाल की जांच पड़ताल के लिए पुलिस टीम को अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया। दिनांक 11-2-2022 को ईश्वर लाल पिता कवर लाल गुर्जर उम्र 38 वर्ष निवासी भील खेड़ी थाना नारायणगढ़ और सुंदर लाल पिता बाबूलाल गुर्जर उम्र 33 वर्ष निवासी भिलखेड़ी थाना नारायणगढ़ को पकड़ने में सफलता हासिल हुई।  पूछताछ करने पर आरोपियों ने नानूराम धनगर की हत्या करना स्वीकार किया। आरोप ईश्वर लाल ने बताया कि उसके ऊपर करीब ₹5000000 का कर्ज था। इस कर्ज से मुक्ति पाने के लिए उसने एक योजना बनाई कि उसके जैसे दिखने वाले एक आदमी की हत्या करके भील खेड़ी मगरे पर सरसों के खेत में फेंक देंगे। उसके बाद मृतक के जेब में स्वयं का आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज रख देंगे। जब मृतक की लाश साथ 8 दिन पुरानी होकर सर चुकी होगी तब उन दस्तावेजों के कारण ईश्वर लाल गुर्जर की पहचान होने के कारण वह कर्जे से मुक्त हो जाएगा। 

इस घटना को अंजाम देने के लिए सुंदरलाल ने अपने ही गांव के पुराने मित्र सुंदर लाल गुर्जर को राजी कर लिया। इसके बाद इस पर लाल ने सुंदर लाल गुर्जर के फोन से बार-बार नानूराम गुर्जर को फोन लगा कर ग्राम इरली स्थित सरकारी स्कूल के पास पार्टी करने के बहाने से बुलाया और उसके बाद उसे मोटरसाइकिल पर बिठाकर भील खेड़ी मगरे पर ले कर गए। दोनों आसपास गांव में रहने के कारण दोनों की मिलजुल रहती थी। किसी परिचय के आधार पर ईश्वर लाल ने नानूराम को पार्टी करने बुलाया। जब नानूराम आ गया उसके बाद ईश्वर लाल और सुंदर लाल उसे मगरे पर ले गए। और फिर उसके बाद सब ने साथ में बैठकर थोड़ी शराब पी फिर लौटते वक्त नानूराम के गले में मफलर होने के कारण ईश्वर लाल और सुंदर लाल ने वह मफलर खींच कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों लास्ट को छुपा नहीं पाए डर के कारण और मौके से फरार हो गए। 

उक्त कार्रवाई में निरीक्षक अवनीश श्रीवास्तव, निरीक्षक जितेंद्र सिसोदिया, उप निरीक्षक अभिषेक बोरासी, उप निरीक्षक संदीप मौर्य, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अनवर उद्दीन, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार, पुलिस लाइन भीलवाड़ा राजस्थान कार्यवाहक प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह झाला, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विशाल यादव, आरक्षक मनीष बघेल, आरक्षक नरेंद्र, आरक्षक दिनेश भैया रक्षकों की सवारी भूमिका रही। 

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