मध्यप्रदेश में 2 फरवरी से होगी ओले के साथ बारिश 2022

मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मध्यप्रदेश में फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं नजर आ रही है। पूरा मध्य प्रदेश ठंड से ठिठुर रहा है। इस बार प्रदेश में ठंड का कहर इतना है कि कुछ जिलों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में इतनी कड़ाके की ठंड पड़ रही है कि फसलों पर ओस की बूंदे जम गई है। कुछ फसलों का तो ओलावृष्टि होने के कारण काफी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि आंकड़े बता रहे हैं कि आने वाले 24 घंटों में मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। विभाग  ने कहा है कि 29 जनवरी को पाकिस्तान से आने वाली हवाओं के कारण दोबारा तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले 1 सप्ताह तक रात के तापमान में 10 डिग्री तक और दिन के तापमान में 25 डिग्री तक पारा जा सकता है।

2 फरवरी को बारिश होगी और उसके बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग ने कहा है कि तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ 2 फरवरी को प्रदेश में और सिस्टम सक्रिय होगा। नया सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश में 2 फरवरी को बारिश होगी और उसके बाद पूरे महीने ठंड पड़ेगी। सिस्टम के कारण होने वाली बारिश का असर 2 से 3 दिनों तक रहेगा। इसके बाद पूरे फरवरी महीने में ठंड का असर रहेगा। फरवरी में ठंड का मौसम इतना नहीं रहेगा लेकिन ठंडी हवाएं चलने के कारण दिन में भी ठंड की ठिठुरन बढ़ सकती है। पिछले दो दिनों से प्रदेश में रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच रहा है। प्रदेश के पंचमढ़ी और रायसेन में तो तापमान ने रिकॉर्ड ही तोड़ दिया। प्रदेश के कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो उसके बाद सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पढ़ रही है। मंदसौर, नीमच ,रतलाम, बेतूल, भोपाल,दतिया ,रीवा, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर ,खंडवा , खरगोन, शाहजहांपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, सागर, टीकमगढ़,और उमरिया में रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। 

प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का कारण क्या है

मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर भारत में जमकर बर्फबारी हो रही है। उत्तर भारत में बर्फबारी होने के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आने वाली हवाएं बर्फबारी के कारण नमी भरी और ठंडी हो जाती है। पाकिस्तान से आने वाली इन्हीं नमी भरी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। पहली बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य प्रदेश में ठंड का असर अधिक दिख रहा है। पिछले साल तक इसका असर सिर्फ ग्वालियर और चंबल इलाके पर रहता था लेकिन इस वर्ष इसका असर पूरे मध्यप्रदेश में हो रहा है। नमी भरी हवाएं चलने के कारण अभी तक ठंड का दौर खत्म नहीं हो पा रहा है। 

29 जनवरी से प्रदेश में अचानक बदलेगा मौसम

29 जनवरी के बाद सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश में 2 फरवरी तक ठंड में थोड़ी राहत रहेगी। 2 फरवरी तक प्रदेश में हल्की ठंड रहेगी और उसके बाद अचानक सिस्टम सक्रिय होने के कारण 2 फरवरी को बारिश होगी और इसका असर 3 दिनों तक रहेगा। इसके बाद पूरे फरवरी महीने में ठंडी हवाएं चलने के कारण ठंड की ठिठुरन रहेंगी। 2 फरवरी से बादल छाए रहने के कारण ठंड बढ़ जाएगी और रात को तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। बारिश के साथ साथ इस बार भी ओले गिरने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक ने यह भी कहा है कि जिस तरह से मौसम बदल रहा है उससे अचानक क्लाइमेट चेंज होने का संकेत सामने आ रहा है। इस बार उत्तर भारत में जमकर बर्फबारी हो रही है और पाकिस्तान से आने वाली हवाई बर्फबारी से ठंडी होकर प्रतिवर्ष सिर्फ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ही असर दिखाती थी लेकिन इस बार इसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। 2 फरवरी के बाद अचानक मौसम बदलने की संभावना पूरी जताई जा रही है।

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