12 साल पहले की गई थी घोषणा लेकिन अभी भी बदहाली के आंसू बहा रहा शामगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे बस स्टैंड

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12 साल पहले घोषणा होने के बाद भी असुविधाओं से भरा है शामगढ़ बस स्टैंड 2022

मंदसौर जिले के शामगढ़ शहर में आज से 12 साल पहले रेलवे स्टेशन रोड पर चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय प्रशासन को कुछ जमीन बस स्टैंड के लिए दी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जनसभा में ही बस स्टैंड का नाम कुशाभाऊ बस स्टैंड घोषित कर दिया गया था। यह रोजाना लगभग 100 बसों रोजाना लगभग घोषणा हुए आज 12 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी तक शामगढ़ कुशाभाऊ बस स्टैंड बदहाली के आंसू बहा रहा है और अभी तक यहां पर सर्व सुविधा नहीं हो पाई है। कुशाभाऊ बस स्टैंड के लिए 20 करोड़ रुपए की प्रस्तावित योजना भी रखी गई थी। इसके बाद भी 12 साल होने के बावजूद शामगढ़ बस स्टैंड पर असुविधाएं ही असुविधाएं हैं और इसके कारण कुशाभाऊ शामगढ़ बस स्टैंड बदहाली के आंसू बहा रहा है और प्रशासन इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। 

रोजाना बस स्टैंड से लगभग 100 बसों का परिचालन 

शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्थित कुशाभाऊ बस स्टैंड से रोजाना 100 बसों का परिचालन होता है। इसके बावजूद भी शामगढ़ बस स्टैंड खंडहर रह गया है। रोजाना हजारों यात्री यहां से आवाजाही करते हैं लेकिन उन्हें उपयुक्त सुविधा नहीं मिल पाती है। इस कुशाभाऊ बस स्टैंड से सुवासरा, मंदसौर ,नीमच , सीतामऊ, चोमेला, आलोक, मनासा, गरोठ , भानपुरा से लेकर गांधी सागर और राजस्थान तक की बसों की आवाजाही होती है। इस बस स्टैंड पर सुविधाओं के लिए 20 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई थी। 3 साल गुजर जाने के बाद भी जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिली है।  कुछ वर्षों पहले रेलवे स्टेशन रोड पर 40 से अधिक घुंटी वाले बैठे थे जिन्हें प्रशासन में बस स्टैंड के नाम पर खाली करवा कर डाक बंगले की बाउंड्री के समीर बिठाया था। गर्मी में धूल उड़ने के कारण इन्हें परेशानी होती है और बारिश के दिनों में किचड़ का आलम लगा रहता है।

बस स्टैंड पर लाइट की भी नहीं है व्यवस्था 

ऐसे स्थानों के लिए सबसे जरूरी चीज लाइट की व्यवस्था भी शामगढ़ बस स्टैंड पर नहीं है। इस कारण बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर बसो के सामान खोलकर ले जाते हैं ‌। भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष संतोष काला के कार्यकाल में बस स्टैंड की स्वीकृति मिली थी। उस समय ठेकेदार के माध्यम से बस स्टैंड का समतलीकरण और यात्रियों के बैठने के लिए चद्दर का एक टीन शेड बनाया गया था। इसके बाद किसी भी नेता ने बस स्टैंड को सही करने में रूचि नहीं दिखाई। इस कारण अभी तक शामगढ़ बस स्टैंड का ना तो भूमिपूजन हुआ और ना ही काम चालू हुआ। यहां तक कि बस स्टैंड पर पुरुष और महिलाओं के लिए शौचालय तक सही तरीके से नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।

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