हिंदू समुदाय और मुस्लिमो के बीच हुआ विवाद राज्यीय स्तर पर पहुंचा 2022

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के गांव सुराना में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या अधिक होने के कारण उनके द्वारा हिंदुओं को धमकाया जा रहा था। वहां पर आए दिन विवाद को लेकर हिंदुओं को दबाव डाला जा रहा था और इसी से परेशान होकर सुराना में मौजूद हिंदुओं ने मुस्लिम समुदाय द्वारा परेशान करने और उन से परेशान होकर गांव छोड़ने की शिकायत के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और हड़कंप मच गया है। जब मामला काफी ऊंचे स्तर पर चला गया तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम जिले के कलेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल और एसपी गौरव तिवारी से बात कर वहां की स्थिति की जानकारी ली और जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद कलेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल और एसपी गौरव तिवारी ने गांव सुराना पहुंच कर बैठक लेकर दोनों पक्षों से लगभग 2 घंटे तक बातचीत की। इसके बाद बैठक में निर्णय लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह मामला 1 महीने में सुलझ जाएगा।  

हिंदू बोले: 1 महीने में तो हमारी हत्या हो जाएगी

जब कलेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल ने मामले को 1 महीने में सूल जाने की बात कही तो इस पर हिंदुओं ने कहा कि ” 1 महीने में तो हमारी हत्या हो जाएगी”। यह सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत मामले पर कार्यवाही करते हुए शाम को अपनी टीम के साथ पहुंचकर रतलाम के गांव सुराना में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बनाए गए घरों को तोड़ डाला। दरअसल मामला यह था कि हिंदुओं ने शिकायत दर्ज कराते हुए चेतावनी दी थी कि मुस्लिम समुदाय द्वारा परेशान करने पर हमें गांव छोड़ना पड़ रहा है। यह शिकायत मिलने के बाद सरकार में खलबली मच गई और इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण को हटा दिया और वर्तमान में रतलाम के गांव सुराना में पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है। सुराना के इस मामले को खत्म करने के लिए गृहमंत्री ने जानकारी दी है कि दोनों समुदायों के कुछ लोगों और अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। इसके साथ ही गांव में मौजूद अपराधिक तत्वों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। 

सुराणा गांव में 60% से अधिक आबादी मुस्लिम समुदाय की है

हिंदुओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा था कि रतलाम के गांव सुराणा में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या 60% से अधिक होने के कारण उनके द्वारा हिंदुओं को धमकाया जा रहा है। गांव में मौजूद कुछ असामाजिक तत्व ही इसके जिम्मेदार है। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा है कि गांव में धार्मिक स्थिति बिगड़ी हुई है। ऐसी स्थिति पैदा करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उस पर चौतरफा कार्यवाही की जाएगी। रतलाम के गांव सुराणा में कुल 1558 लोगों की आबादी है जिसमें से 60% से अधिक समुदाय मुस्लिमों का है और इसके अलावा गांव सुराणा में हिंदू आबादी है जिसमें अधिकतर जाट, तेली और दलित समुदाय के लोग हैं। गांव में दोनों समुदायों का कारण लगभग खेती करना ही है और जानकारी के अनुसार गांव के बुजुर्ग नाथूलाल और बाबूलाल जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले गांव में कभी भाईचारा नहीं बिगड़ा है और सभी आपस में मिल जुल कर रहते थे। 

नई उम्र के लड़के छोटी-छोटी बातों पर आपस में उलझ जाते हैं, कुछ समय पहले सुराणा में मुस्लिम आबादी कम थी

गांव के बुजुर्गों ने जानकारी देते हुए बताया कि आज से कुछ सालों पहले गांव में किसी भी प्रकार की लड़ाई नहीं होती थी। लेकिन सोशल मीडिया पर छोटी मोटी कमेंट और नई उम्र के लड़के छोटी-छोटी बातों का झगड़ जाते हैं। इसी कारण गांव का माहौल बिगड़ गया है और मुस्लिम समुदाय हिंदू समुदाय पर दबाव बना रहा है। गांव के बुजुर्गों ने जानकारी देते हुए बताया कि आज से लगभग 20 साल पहले गांव में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या कम थी लेकिन अब यह बढ़कर 60% से भी अधिक हो गई है। यह विमान सर्वप्रथम गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक comments किए जाने पर हुआ था। पिछले 2 सालों से इसी कारण गांव के मुस्लिम समुदाय और हिंदू समुदाय के तनातनी चल रही है। कुछ दिनों पहले ही गांव में हिंदू समुदाय के मुकेश जाट और कुछ मुस्लिम समुदाय लोगों के बीच बड़ा विवाद भी हुआ था और उसके बाद ही मुस्लिम समुदाय ने मिलकर अल्पसंख्यक समुदाय को दबाना शुरू कर दिया था। 

हिंदुओं ने मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन

जब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर मुकेश जाट ने थाने में केस दर्ज करवाया तो मुस्लिम समुदाय के मयूर, हैदर और सद्दाम ने विवाद किया। जब मुकेश जाट ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई तो मुस्लिम समुदाय के युवा गाड़ियां लेकर मोहल्ले में झगड़ा करने पहुंच गए। जब हिंदुओं को पुलिस से शिकायत करने पर न्याय नहीं मिला तो हिंदुओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन लिखा। इसमें हिंदुओं ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि वह 3 दिनों के अंदर गांव छोड़ रहे हैं और अपनी सारी जमीन बेच रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रतलाम के कलेक्टर और एसपी को तुरंत मामले पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 

मुस्लिम समुदाय के युवा रोजाना उकसाने का काम करते है

रतलाम जिले के गांव सुराणा में रहने वाली हिंदू समुदाय की महिलाओं ने शिकायत करते हुए यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या अधिक होने के कारण छोटी-छोटी बातों पर यह झगड़ा करने के लिए यह गाड़ियां लेकर मोहल्ले में आ जाते हैं। बिना वजह से मोहल्ले में मुस्लिम युवा तेज रफ्तार में गाड़ियां निकालते हैं और उकसाने की कोशिश करते हैं। सुराणा गांव में मौजूद धार्मिक स्थलों के आसपास उकसाने के लिए मुस्लिम समुदाय के युवा गंदगी फैलाते हैं। गांव में मौजूद सरकारी जमीन पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अतिक्रमण भी किया हुआ है। जानकारी में यह भी बताया गया है कि मुस्लिमों ने अपने रिश्तेदारों को इस गांव में लाकर बसा दिया है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही नहीं की जाती है इसलिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है। जब मुस्लिम समुदाय से मामले की जानकारी ली गई तो उन्होंने इसके बारे में कुछ नहीं कहा। 

अपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को जिले से बाहर निकाला जाएगा

मुस्लिम समुदाय ने कहा है कि युवा समुदाय ही आपस में झगड़ा करते रहते हैं लेकिन इसे सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के बुजुर्ग सुराणा गांव को नहीं छोड़ना चाहते हैं लेकिन कुछ युवा ही मामले को बढ़ा रहे हैं। मामले में आपस में बैठकर शांतिपूर्वक दोनों पक्षों को समझाया जाएगा। ग्रामीणों से चर्चा करने के बाद रतलाम कलेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच बैठकर चर्चा हो चुकी है। गांव में जितने भी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है उसे 1 महीने के अंदर हटा दिया जाएगा। गांव में जितने भी अपराधिक रिकॉर्ड के लोग हैं उन्हें जिले से बाहर किया जाएगा। धार्मिक माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

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