मंदसौर में दी जाएगी पायलट बनने की ट्रेनिंग 2022

मंदसौर में अब बहुत जल्द ही पायलट तैयार हो जाएंगे। कुछ समय पहले मंदसौर के हेलीपैड की स्थिति जर्जर हो रही थी लेकिन प्रशासन की फुर्ती के कारण कुछ समय में हेलीपैड को सही कर दिया गया और अब वहां पर फ्लाइंग क्लब की शुरुआत भी कर दी गई है। मंदसौर शहर के नौलखा बीड़ क्षेत्र में स्थित हवाई पट्टी पर ग्लोबल कनेक्ट एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ( global connect aviation service private limited company) ने ट्रेनिंग देना शुरू किया है। जानकारी में बताया गया है कि फिलहाल देश के 16 छात्र एवं छात्राएं पायलट बनने के लिए यहां पर आ चुके हैं और जल्द ही ट्रेनिंग लेना शुरू कर देंगे। 

मंदसौर में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी रनवे एयर स्ट्रिप है

इसी के साथ मंदसौर के विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया रनवे एयर स्ट्रिप पर पहुंचे और देश के विभिन्न स्थानों से पायलट बनने की ट्रेनिंग लेने आए बच्चों से बात की। मंदसौर रेलवे एयरस्ट्रिप की लंबाई ढाई किलोमीटर की है जोकि पूरे मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी एयर स्ट्रिप है। विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि हवाई पट्टी के निर्माण में 11 करोड रुपए की लागत आई थी और चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाने में साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत आई थी। फ्लाइंग क्लब में छात्रों को ट्रेनिंग दे रहे कैप्टन सुमित सिंह ने बताया कि हम यहां कमर्शियल पायलट लाइसेंस की ट्रेनिंग दे रहे हैं। यहां 6 महीनों से लेकर 9 महीने तक की ट्रेनिंग होती है जिसमें पायलट को लगभग 200 घंटे की उड़ान भरनी होती है। 

पायलट के लिए मंदसौर अनुकूलित, रात को ग्रामीण टॉर्च डाल कर परेशान करते हैं

फ्लाइंग क्लब में ट्रेनिंग दे रहे कैप्टन सुमित सिंह ने बताया कि मंदसौर में आने की खास वजह यह है कि मंदसौर का मौसम फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए अनुकूलित है। यहां पर हवाओं की दिशा रनवे के आधार पर होती है इसलिए फ्लाइंग करने के लिए ज्यादा परेशानी नहीं होगी और शुरुआत से ट्रेनिंग ले रहे छात्रों को फ्लाइंग सीखने में आसानी होगी। इसके अलावा देश के अन्य क्षेत्रों में यहां की अलग विजिबिलिटी बेहद अच्छी है। यहां पर लगभग 10 किलोमीटर का क्षेत्र खाली पड़ा है जो फ्लाइंग को आसान बनाती है। कैप्टन सुमित सिंह ने बताया कि यहां सुविधाएं अच्छी है लेकिन रात के समय जब फ्लाइंग करते हैं तो लोग टॉर्च की लाइट डालते हैं। इससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय फ्लाइंग सिख रहे बच्चों पर टार्च नहीं डाले।

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