महाकाल मंदिर उज्जैन/ Mahakal Mandir Ujjain

महाकाल मंदिर उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल मंदिर सिंहस्थ 2028 से पहले काशी विश्वनाथ कोरिडोर की तरह चमकेगा। 2016 सिंहस्थ उज्जैन में अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण प्रशासन को संभालने में काफी परेशानी हुई थी लेकिन अब महा शिवरात्रि से पहले प्राचीन नगरी अवंतिका यानी वर्तमान उज्जैन एक भव्य रूप धारण करने जा रहा है। जहां पहले महाकाल मंदिर परिसर 2.83 हेक्टेयर में फैला हुआ था वह अब बढ़कर 20 हैक्टेयर से भी अधिक होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए 705 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट में पहले चरण का कार्य अंतिम दौर में है और महाशिवरात्रि से पहले ही सभी भक्तों को महाकाल पथ से होकर महाकाल के दर्शन करने का मौका मिलेगा। महाकाल परिसर में पहले चरण में पूर्ण होने वाले कार्यों में महाकाल पथ,महाकाल वाटिका, रूद्र सागर का कार्य शामिल है। इन तीनों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

705 करोड़ रुपए कैसे बदलेंगे उज्जैन का आकार

महाकाल मंदिर उज्जैन: 705 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे प्रोजेक्ट से बाबा महाकाल के दर्शन करने आ रहे भक्तों को दो बड़े फायदे मिलेंगे। जिसमें पहला तो यह कि भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन आसानी से हो पाएंगे और दूसरा यह कि बाबा महाकाल के दर्शन के साथ-साथ लोग धार्मिक पर्यटन का भी आनंद उठा पाएंगे। कैंपस इतनी जगह में बनाया जा रहा है कि वहां पर भक्तों के लिए बैठने, आराम करने से लेकर घूमने के लिए तमाम व्यवस्थाएं और आकर्षक चित्रकारी की गई है। काशी विश्वनाथ का मंदिर परिसर 5 हेक्टेयर जमीन में फैला हुआ है लेकिन बाबा महाकाल की नगरी को भव्य आकर 20 हेक्टेयर से भी अधिक जमीन पर दिया जा रहा है यानी कि काशी विश्वनाथ कोरिडोर से बाबा महाकाल मंदिर परिसर 4 गुना बड़ा हो जाएगा।

महाशिवरात्रि से पहले पूर्ण हो जाएगा पहले चरण का कार्य

महाकाल मंदिर परिसर: मामले की जानकारी देते हुए उज्जैन के कलेक्टर आईएएस आशीष सिंह बताते हैं कि बाबा महाकाल उज्जैन नगरी में मंदिर परिसर को बढ़ाने का कार्य दो चरणों में किया जाएगा जिसमें से पहला चरण महा शिवरात्रि से पहले पूर्ण हो जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बार-बार प्रोजेक्ट के कार्य का फीडबैक ले रहे हैं। पहला चरण का कार्य पूर्ण होने के तुरंत बाद दूसरे चरण में कार्य किया जाएगा जो वर्ष 2023 में मई-जून तक पूरा हो जाएगा। 705 करोड रुपए की लागत में बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट में अच्छी बात यह है कि जब यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तो बाबा महाकाल की शिवलिंग के दर्शन प्रति घंटे 100000 से भी अधिक श्रद्धालु कर सकेंगे। खास बात यह है कि इतनी भीड़ होने के बावजूद भी हर भक्त बाबा महाकाल के दर्शन लगभग 45 मिनट तक कर सकता है। 18 करोड रुपए की लागत में UDA के माध्यम से श्रद्धालु सुविधा केंद्र भी बनाया जा रहा है। चलिए हम आपको बताते हैं कि बाबा महाकाल प्रोजेक्ट के तहत श्रद्धालुओं को क्या मुख्य सुविधाएं प्राप्त होगी।

बाबा महाकाल मंदिर परिसर प्रोजेक्ट में मुख्य स्पाट्स


1- 705 करोड रूपए की लागत से दो चरणों में 20 स्पाट्स विकसित किए जाएंगे।

2- 2.83 हेक्टेयर से बढ़कर 20 हेक्टेयर से अधिक हो जाएगा मंदिर परिसर का दायरा

3- पहले चरण में 9 मुख्य स्पाट बनाएं जा रहें हैं–

    • महाकालेश्वर वाटिका
    • महाकालेश्वर मार्ग
    • रूद्रसागर तट वाटिका
    • शिव अवतार वाटिका
    • गणेश विद्यालय परिसर
    • पार्किंग, धर्मशाला
    • अर्ध पथ क्षेत्र
    • नूतन विद्यालय परिसर
    • प्रवचन हाल

27 फरवरी को हो जाएगा महाकालेश्वर पथ का उद्घाटन


महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में महाशिवरात्रि से पहले पूर्ण हो जाएगा पहले चरण का काम।
• जो भक्त बाबा महाकाल के दर्शन पैदल चलकर नहीं कर सकते उनके लिए 15 नि शुल्क वाहन चलाए गए हैं।
• 450 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र बनाया गया है।
• महाकाल के दर्शन आसानी से करने के लिए महाकालेश्वर पथ का निर्माण।
• दूसरे चरण का कार्य अगले साल 2023 जून तक पूरा होने की संभावना

एक आकर्षक कमल कुंड का निर्माण किया जाएगा


महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन वाटिका और ग्रीन बेल्ट डिवेलप किया जाएगा।
• यह पहले चरण का पहला स्पाट होगा।
• महाकालेश्वर वाटिका में शिव के सभी स्वरूपों को दर्शाया जाएगा।
• इसके तहत कमल कुंड, सप्त ऋषि मंडल, शिव स्तंभ, रुद्रसागर तट विकास,  त्रिवेणी संग्रहालय से एकीकरण डेवलप होगा।

भक्तों के दर्शन करने की उत्तम व्यवस्था



• श्रद्धालुओं को मंदिर जाने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए 900 मीटर लंबा महाकालेश्वर पथ बनाया गया है।
• इसमें पैदल जाने वाले भक्तों के लिए अलग और ई कार्ट भक्तों के लिए अलग रास्ता बनाया जाएगा।
• पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 3 मीटर चौड़ा और ई कार्ट के लिए 6 मीटर चौड़ा रास्ता बनाया जाएगा।

श्रद्धालु रुद्रसागर में कर सकेंगे बोटींग


• शिव अवतार वाटिका पहले चरण का तीसरा स्पाट रहेगा।
• भगवान महाकाल से जुड़े प्रसंग और कथाओं से शिव भक्तों को अवगत कराने के लिए परिसर में महाकाल थीम पार्क बनाया जाएगा।
• म्यूरल वाल पर कथा चित्रण किया जाएगा।
• उस परिसर में 25 फीट ऊंची मूर्तियां भी लगाई जाएगी।
• श्रद्धालु रुद्रसागर में बोटिंग भी कर सकेंगे।

प्रवचन हाल के नजदीक भोजनशाला भी बनाई जाएगी


महाकाल मंदिर उज्जैन: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला और पार्किंग स्थल बनाया जाएगा।
• बाबा महाकाल मंदिर उज्जैन में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पांच मंजिला धर्मशाला बनाई जा रही है।
• महाकाल परिसर में त्रिवेणी संग्रहालय के पास लगभग 350 कारों की पार्किंग बनाई जा रही है।
• धर्मशाला, प्रवचन हाल, पार्किंग के नजदीक ही भोजनशाला बनाई जाएगी।

मंदिर परिसर का आकर्षक डेवलपमेंट किया जाएगा


महाकाल बाबा उज्जैन मंदिर के समीप स्थित महाराज बाड़ा और उर्दू स्कूल की जमीन को प्रोजेक्ट में उपयोग किया जाएगा।
महाकाल मंदिर क्षेत्र में संचालित नूतन ,गणेश और उर्दू स्कूल की दोबारा बिल्डिंग बनाई जाएगी।
• क्षेत्र में बने स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा और स्कूल की जगह को प्रोजेक्ट में उपयोग किया जाएगा।
• शिफ्टिंग के बाद इस जमीन का उपयोग महाकाल बाबा मंदिर डेवलपमेंट में किया जाएगा।

दूसरे चरण में किन किन मुख्य चीजों पर होगा कार्य

• महाराज बाड़ा परिसर
• छोटा रूद्र सागर लेकफ्रंट
• रामघाट फसाड ट्रीटमेंट
• पार्किंग एवं पर्यटक सूचना केंद्र
• महाकाल द्वार एवं प्राचीन मार्ग
• रुद्रसागर म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्क्रीन शोर
• रुद्रसागर री डेवलपमेंट
• हरी फाटक ब्रिज चौड़ीकरण एवं रेलवे अंडर पास
• रुद्रसागर पर पैदल पुल
• बेगम बाग रोड का डेवलपमेंट और ब्यूटीफिकेशन
• महाकाल मंदिर की इमरजेंसी एंट्री और एग्जिट गेट

महाकाल थाने को दूसरी जगह किया जाएगा शिफ्ट


महाकाल मंदिर उज्जैन क्षेत्र परिसर में पार्किंग एवं सूचना पर्यटक केंद्र बनाया जाएगा।
बाबा महाकाल मैदान परिसर में संचालित महाराज बाड़ा स्कूल को और नूतन स्कूल बिल्डिंग और उर्दू स्कूल को माधवगंज में शिफ्ट किया जाएगा।
• महाकाल थाने को भी वर्तमान स्थान से शिफ्ट किया जाएगा।
• उसके बाद महाकाल परिसर में खाली हुई इस जमीन पर लगभग 350 कारों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
• इसके अलावा यहां पर्यटक सूचना केंद्र, ई व्हीकल डार्किग स्टेशन और हॉकर्स जोन बनाया जाएगा।

महाकाल गेट से रामघाट के बीच लोगों के लिए बगीचे बनाए जाएंगे


महाकाल मंदिर उज्जैन के  को री डेवलपमेंट किया जा रहा है।
• महाकाल मंदिर के गेट से शिप्रा नदी के तट पर स्थित रामघाट तक प्राचीन पैदल मार्ग को संरक्षित किया जाएगा।
• इस प्रोजेक्ट के तहत महाकालेश्वर द्वार और मंदिर की ऐतिहासिक दीवार के संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
• महाकालेश्वर द्वार से लेकर रामघाट तक लोगों के उपयोग लिए गार्डन और उपयोगी क्षेत्र बनाए जाएंगे।

बाबा महाकाल मंदिर परिसर में रूद्र सागर में गिरने वाले गंदे पानी को रोका जाएगा


• दूसरे चरण में रूद्रसागर का रिडेवलपमेंट भी किया जाएगा।
• इसके तहत महाकालेश्वर परिसर में रूद्रसागर में गिर रहे गंदे पानी को रोका जाएगा।
• अमृत मिशन के तहत सीवर और स्टार्म वॉटर लाइन डाली जाएगी।
• बारिश कम होने के बाद रूद्र सागर के जल स्तर को बरकरार रखने के लिए शिप्रा नदी का पानी पंप की सहायता से रुद्रसागर में डाला जाएगा।

हरी फाटक ब्रिज का चौड़ीकरण, रेलवे अंडर ब्रिज बनाया जाएगा


• दूसरे चरण में बाबा महाकाल मंदिर परिसर में ब्रिज का चौड़ीकरण किया जाएगा।।‌
• हरी फाटक ब्रिज के नीचे रेलवे पास भी बनाया जाएगा।
• इस कार्य को करने के लिए लगभग 50 से अधिक परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा
• जयसिंह पुरा के नजदीक रेलवे पास बनाया जाएगा।

ग्रीन बेल्ट डेवलप होगा, वैदिक वाटिका योग केंद्र के पास बनाया जाएगा


• दूसरे चरण में छोटा रूद्र सागर लेक फ्रंट भी बनाया जाएगा।
• छोटा रुद्रसागर लेक फ्रंट के तहत एंटरटेनमेंट जोन, योग केंद्र, वैदिक वाटिका, ग्रीन बेल्ट डिवेलप किया जाएगा।
• ग्रीन बेल्ट डेवलप करने के लिए यहां पर वृक्षारोपण किया जाएगा और जनउपयोगी क्षेत्र बनाया जाएगा।
• वैदिक वाटिका को योग केंद्र के पास बनाया जाएगा।

राम घाट पर मोटरेबल लाइट और साउंड शो बनाया जाएगा


• राम घाट को भी आकर्षित बनाने के लिए यहां पर मोटरेबल लाइट और साउंड शो बनाया जाएगा।
• यह साउंड शॉप और लाइट सी हस्त की थीम पर बनाया जाएगा।
• इसके लिए मंदिर से रामगढ़ की तरफ जाने वाले रास्ते का सुंदरीकरण किया जाएगा।
• खेला और बिक्री व्यापारी अपने सामान यहां पर भेज सकें इसके लिए हॉकर्स कॉर्नर बनाया जाएगा।
• यहां पर लोग महाकाल भगवान के इतिहास से जुड़ी रंगीन फिल्म देख पाएंगे।

कमर्शियल मार्केट डेवलप होगा, चार्जिंग डॉर्किग स्टेशन बनेगा


• बेगम बाग रोड को दोबारा डेवलप किया जाएगा।
• इस रोड पर शहरवासियों के लिए 50 से अधिक कारों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
• बेगम बाग रोड पर कमर्शियल मार्केट डिवेलप किया जाएगा।
• इलेक्ट्रिक गाड़ियों डार्किग का स्टेशन बनाया जाएगा।
• यह रोड आगे जाकर महाकालेश्वर कोरिडोर और महाकालेश्वर गेट से कनेक्ट होगा।

देवास धर्मशाला तोड़कर मंदिर के लिए रास्ता बनाया जाएगा


महाकाल मंदिर में इमरजेंसी गेट और इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा भी रखी जाएगी।
• महाकाल मंदिर के नजदीक स्थित देवास धर्मशाला को तोड़ा जाएगा और महाकालेश्वर मंदिर में एंट्री और एग्जिट के लिए नया रास्ता बनाया जाएगा।
• मंदिर परिसर के नजदीक प्रवचन हाल और भोजनशाला को भी हटाया जाएगा।
• यहां वैदिक थीम पर मंदिर शिखर दर्शन के लिए जोन बनाया जाएगा।

खास बात



बाबा महाकालेश्वर मंदिर प्रोजेक्ट को बनाने से पहले अयोध्या, काशी और अक्षरधाम मंदिर दिल्ली का एनालिसिस किया गया।
• अयोध्या राम मंदिर प्रोजेक्ट संभाल रहे आर्किटेक्ट इंजीनियर चंद्रकांत सोमपुरा की मदद ले रहे।
• तीन राज्यों की अलग-अलग कंपनी को यह कार्य दिया गया है।

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