मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान: मध्यप्रदेश सरकार ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जाएगी सुप्रीम कोर्ट।

 मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान: मध्यप्रदेश सरकार ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जाएगी शीर्ष अदालत।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंचायत चुनाव को ओबीसी आरक्षण के साथ कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव: मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के साथ करने के लिए कोई कसर नही छोड़ेंगे और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।मुख्य मंत्री शिवराज सिंह ने राज्य विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर बहस का उत्तर देते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत जाकर प्रदेश में पंचायत चुनाव की चल रही प्रक्रिया को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण चुनाव के लिए मध्य प्रदेश और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी एकमत है। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को पंचायत चुनाव ओबीसी के आरक्षित सीटों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था।

सदन में कांग्रेस के स्थगत मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा की पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के प्रावधान के साथ कराया जाना सुनिश्चित करने के लिए न केवल राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार भी शीर्ष अदालत में जा रही हैं।शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि में पिछले 2 दिनों से केंद्रीय मंत्री,गृह मंत्री के संपर्क में हु की इसका कोई हल निकल जाए और यह भी कहा है कि पंचायत चुनाव को ओबीसी आरक्षण से करवाने में सरकार कोई भी कसर नही छोड़ेगी।
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के लिए नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव के लिए कांग्रेस के कई विधायकों ने सूचना दी है क्योंकि यह सार्वजनिक महत्व का मामला है और अन्य विषय छोड़कर इसे प्राथमिकता से लिया जाना चाहिये।
और उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत में सुनवाई के समय मध्यप्रदेश के वकील भी मौजूद थे उन्होंने इस मामले में एक शब्द भी नहीं कहा।इसके बाद शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र से संबंधित इसी तरह के फैसले की तर्ज पर मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर अपना निर्णय सुनाया।पिछले हप्ते उच्च न्यायालय ने ओबीसी के लिए आरक्षित 27 प्रतिशत सीटों को सामान्य श्रेणी के रुप में अधिसूचित करने का निर्देश दिया था ताकि चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों में ओबीसी समुदाय के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया था जबकि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य चल रहा है।


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