जिले में कुछ सूदखोर नेताओं से दोस्ती कर बड़ा रहे हैं अपनी गुंडा गर्दी, परेशान होकर एक व्यक्ति ने दी जान

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मंदसौर जिले में सूखखोरो की सरेआम चल रही गुंडागर्दी 2021

मंदसौर जिले में लगातार सूदखोरों की गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है। जिले में सूदखोर जिले के नेताओं से व्यवहार बढ़ाकर अपना नेटवर्क बढ़ाते जा रहें हैं। मंदसौर के सूदखोर नेताओं से नजदीकी बनाकर बिना लाइसेंस के सरेआम धंधा कर रहे हैं और कर्जदारों को डरा धमकाकर मोटा ब्याज वसूल रहे हैं। जिले में इन सूदखोरों की गुंडागर्दी इतनी बढ़ गई है कि कोई इनके खिलाफ जाने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहा है। सूदखोरों की इसी गुंडागर्दी से परेशान होकर सोमवार रात को एक पीड़ित व्यक्ति ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित व्यक्ति इनकी गुंडागर्दी से डरकर शिकायत भी नहीं करते हैं।

मरने से पहले व्यक्ति ने जिला अस्पताल में 4 नामों का खुलासा किया

पीड़ित व्यक्ति ने सोमवार रात को सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जब परिजनों को पता चला तो वह उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर इलाज के दौरान व्यक्ति ने आत्महत्या करने का कारण और 4 व्यक्तियों के नाम बताए हैं। इन्हीं से परेशान होकर व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत्यु से पहले व्यक्ति ने बजरंग दल प्रखंड अध्यक्ष और तीन अन्य व्यक्तियों के नामों का खुलासा किया है। मंदसौर जिले की इतनी खराब स्थिति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा रिश्वतखोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया गया है लेकिन अभियान के तहत सही से कार्य नहीं किया जा रहा है। जिन व्यक्तियों की नेता लोगों से अच्छी दोस्ती है वह खुलेआम अपनी गुंडागर्दी बता रहे हैं।

पुलिस के पास 13 दिन में सिर्फ 6 केस दर्ज हुए हैं

मामला होने के बाद अब अधिकारी भी ब्याज करो के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा 1 दिसंबर से 30 दिसंबर तक ब्याज दरों के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान चला रखा है लेकिन 13 दिन में अभी तक 6 केस ही दर्ज हो पाए हैं। इनमें से पांच प्रकरण सराफा व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष मोहनलाल रिछावरा और उनके भाई भंवरलाल के खिलाफ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ब्याजखोरों के खिलाफ जिले की जनता ही जागृत नहीं है। लोग भी केस दर्ज नहीं करा रहे हैं। इस बात की पुष्टि सोमवार रात को हो गई जब दलोदा निवासी सुरेंद्र सिंह पिता शेर सिंह उम्र 32 वर्ष ने सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।

अस्पताल में इलाज के दौरान बजरंग दल प्रखंड अध्यक्ष सहित तीन लोगों के नामों का खुलासा किया

मामला होने के बाद दलोदा पुलिस ने जिले में अनाउंसमेंट भी कर दिया है। पुलिस लोगों को बता रही है कि जिले में ब्याजखोरो से मुक्ति दिलाने का अभियान चल रहा है अगर आपको कोई ब्याज को लेकर परेशान करता है तो उसकी शिकायत जरूर करवाएं। पुलिस ने इसके लिए शर्त भी रखी है कि शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। व्यक्ति की मौत होने के मामले में मुख्य आरोपी देवीलाल धनगर है जो बजरंग दल प्रखंड अध्यक्ष है। इनका खुलासा युवक ने जिला अस्पताल में मृत्यु से पहले किया है। भाजपा दल के कुछ नेताओं से अच्छा व्यवहार होने के कारण वह अपने ब्याज का अवैध धंधा चलाता है। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति ने 3 लोगों के नाम और बताए हैं जिन्हें पुलिस तलाश रही है।

पैसे नहीं होने के कारण परिजनों को शव नहीं दिया

व्यक्ति की निजी अस्पताल में मौत होने का कारण परिजनों के पास अस्पताल के बिल चुकाने जितने भी पैसे नहीं थे। जब परिजन ऐसी स्थिति में व्यक्ति का शव लेने गए तो उन्हें शव नहीं दिया गया। इसके बाद जब सूचना नगर में पहुंची तो सरपंच और ग्रामीणों ने पैसे एकत्रित कर अस्पताल के अकाउंट में जमा करवाएं और परिजनों को शव दिलवाया। जानकारी से पता चला है कि सूदखोर डायरी सिस्टम से अपना अवैध धंधा चलाते हैं जिसमें 50 दिन के लिए ₹10000 उधार दिए जाते हैं और 50 दिन का ब्याज ₹800 लेते हैं जिसे वह पहले ही काट लेते हैं। इसके बाद रोजाना ₹200 की किस्त लेकर ₹10000 पूरे किए जाते हैं और 1 दिन नहीं देने पर पेनाल्टी भी लगाई जाती है।

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