सीतामऊ: प्रकृति से इतना लगाव कि पेड़ नहीं कटे इसलिए रातभर दिया पेड़ों के लिए पहरा

 रात भर जगकर पेड़ों की सुरक्षा की

पेड़ों को कटने से बचाने का दृश्य बड़ा ही सुकुन देता है। हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान पर्यावरण का ही है क्योंकि पेड़ हमें जीने के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। आज का जमाना पेड़ों के महत्व को समझ नहीं रहा है और अपने स्वार्थ के लिए दिन पर दिन पेड़ काटते जा रहा है। एक सूचना ने पर्यावरण से प्रेम करने वालों को विचलित कर दिया और वह पर्यावरण की सुरक्षा में लग गए। उन्होंने सबसे पहले लोगों को जागरूक किया और कहा कि पेड़ों को नहीं काटना चाहिए लेकिन जब उन्हें पता चला कि एक पीपल और बरगद को काटने का प्लान बनाया जा रहा है तो उन्होंने उन्हें बचाने का मोर्चा ही संभाल लिया और दिन रात उनकी रक्षा करने लगे।

प्रकृति प्रेमी रात को देते हैं पहरा

जब उन्हें पता चला कि पीपल और बरगद के पेड़ को काटा जाएगा तो उन्होंने रात भर बैठे-बैठे पेड़ की रक्षा की ताकि कोई रात को भी उन्हें काट नहीं पाए। दरअसल यह मामला मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील का है। वहां पर महाकाल मुक्तिधाम समिति के सदस्यों ने पेड़ बचाने के लिए पहरेदिरी की। आशंका के बाद जब नए दिन की सुबह हुई और पेड़ों पर जब पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दी तब सुकून मिला। महाकाल धाम समिति के सदस्यों ने पेड़ों की रात भर जग कर सुरक्षा की और सुबह पेड़ों को खड़े देख खुश हो गए। महाकाल मुक्तिधाम समिति में  रात 11:30 बजे से सुबह 6:30 बजे तक पहरा दिया।

हर पेड़ हमारे लिए ऑक्सीजन प्लांट 

समिति के सदस्यों का कहना है कि एक और देश में आक्सीजन की कमी पड़ रही है और लोगों की मौत हो रही है वहीं दूसरी ओर हरे भरे पेड़ों को लगातार काटा जा रहा है। एक तरफ कुछ समूह पौधारोपण करने में लगे हुए हैं तो दूसरी तरफ लोग अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों को काटते जा रहे हैं। नगर में पेड़ को बचाने के लिए सदस्य रात भर पेड़ के नीचे बैठे रहे। कई संगठनों और राजनीतिक दल भी पेड़ लगाने का कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं ऐसे में समिति ने पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प लिया है। सीतामऊ की महाकाली मुक्तिधाम समिति ने पर्यावरण प्रेम के चलते 800 पौधे का पौधा रोपण भी किया है। उन्होंने सभी से निवेदन किया है कि पेड़ों की सुरक्षा करें ताकि आने वाली पीढ़ी को समस्या नहीं हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *