मंदसौर जिले में अब लहसुन का अचार और चटनी बनाने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।कुछ महीनों पहले सरकार द्वारा एक जिला एक उत्पाद अभियान चलाया गया था जिसमें हर जिले की एक अलग पहचान किसी एक उत्पाद में बनानी थी। उसी संदर्भ में कलेक्टर गौतम सिंह की अध्यक्षता में एक जिला एक उत्पाद के संबंध में कलेक्टर कार्यालय पर बैठक की गई। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी महाविद्यालय को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में लहसुन का अचार, चटनी और लहसुन का पेस्ट तैयार करने के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

मंदसौर का लहसुन का अचार देश-विदेश में बढ़ाएगा जायका

मौसम का यह अचार देश विदेश में मंदसौर की लहसुन की पहचान के साथ साथ खाने का जायका भी बढ़ाएगा। इसके साथ-साथ जिले की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेगी। इससे भी गुणवत्ता के साथ इन सभी उत्पादों को बना सकें। यह शुरू होने के बाद मंदसौर जिले को कई प्रकार से फायदा होगा और जिला को दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महिलाएं अधिकतर सिर्फ अगर के कार्य करने में रह जाती है ऐसे में महिलाओं को आत्मनिर्भरता मिलेगी। मंदसौर जिला लहसुन के लिए हर प्रकार से प्रसिद्ध हो जाएगा और देश-विदेश में फिर से अपना नाम बनाएगा।

उद्यानिकी विभाग ने प्रशिक्षण के साथ प्रेक्टिकल करके भी बताया

उन्होंने साथ में यह भी कहा कि जब सभी समूह की महिलाएं इन सभी उत्पादों का निर्माण करें तो उद्यानिकी विभाग मौके पर जाकर भी देखें। उसका प्रेक्टिकल करके भी बताएं। इससे बेहतर और गुणवत्ता की वस्तुएं निर्मित हो सके। शुरुआत में इस कार्य के लिए 30 महिलाओं को चयन किया जाएगा। इस तरह के निर्देश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को प्रदान किए गए। मंदसौर में तैयार किए गए लहसुन की चटनी अचार और पेस्ट को विद्यावेली शोरूम भोपाल भेजा जा सकता है। वहां से सामान को आसानी से बेचा जा सकेगा। जिले में एक शोरूम भी तैयार किया जाएगा जिसमें लहसुन से बनी सभी वस्तुएं आपको मिल जाएगी। इससे आसानी से उत्पाद बेचे जा सकेंगे।

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