मासूम बेटों के सामने पिता नदी में डुब गए 2021

घटना मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की है जहां पर एक पिता अपने बेटे को बचाने के चक्कर में खुद पानी में डूब गया। रतलाम के आलोट में मूर्ति विसर्जन के दौरान डुबे गोपाल उर्फ पप्पू सोनी अपने बेटे की जान बचाने के चक्कर में खुद ही पानी में डूब गया। बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे को बचाने के लिए तालाब में गया था। तालाब में डूबने वाला व्यक्ति गोपाल उर्फ पप्पू सोनी उम्र 35 का अभी तक शव नहीं मिल पाया है।24 घंटों से तलाश करने पर भी गोपाल का शव नहीं मिल पाया है। पिता एक बेटू को बचाने के लिए पानी में गए थे लेकिन अभी तक बाहर नहीं आए हैं। जानकारी में बताया गया है कि गोपाल के दोनों बेटों की नजरों के सामने वह डूब गया।

बच्चे अभी भी कर रहे हैं पापा का इंतजार

बताया गया है कि पापा एक बेटे को वापस लौटने की बोल कर आए थे लेकिन 24 घंटों में भी पानी के बाहर नहीं आ पाए हैं। गोपाल के दोनों बेटे अभी भी पापा का इंतजार कर रहे हैं। घटना मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई है जब गोपाल मृतक और अपने बड़े भाई कमल सोनी के साथ नदी किनारे हाथ-पांव धो रहे थे। इस दौरान उनके दोनों बच्चे वात्सल्य उम्र 12 और तनवेश उम्र 8 वर्ष वहीं पर थे। हाथ पांव धोने के दौरान उनका छोटा बेटा दरवेश उम्र 8 साल पैर फिसलने के कारण नदी में गिर गया। बेटे को पानी में डूबता हुआ देख कर गोपाल और कमल सोनी पानी में कूद गए। इस दौरान तनवेश के पिता गोपाल पानी में ही डूब गए। इसके बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को बुलाया। वह गोपाल की तलाश कर रही है लेकिन अभी तक उसका शव नहीं मिल पा रहा है।

गोपाल बड़े बेटे वात्सल्य को वापस लौटने की बोल कर गए थे लेकिन वापस नहीं लौटा

मृतक गोपाल के बड़े बेटे वात्सल्य ने बताया कि पापा थोड़ी देर में वापस लौटने की कह कर गए थे लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। बड़े बेटे वात्सल्य ने जानकारी देते हुए बताया कि वह पापा और बड़े पापा के साथ नदी किनारे विसर्जन और हाथ पैर धोने गए थे। वात्सल्य ने बताया कि छोटे भाई तनवेश को बड़े पापा हाथ धुलवा रहे थे और उसी दौरान तनवेश का पांव फिसल कर वह गहरे पानी में चला गया। वाटसन ने बताया कि थोड़ी दूरी तक तो पापा दिखाई दे रहे थें और दोबारा आने की बोल रहे थे लेकिन अभी तक वह नहीं लौटे हैं। दोनों बच्चे अभी भी पापा के आने का इंतजार कर रहे हैं।

पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन को नदी किनारे ही रुकना पड़ा पूरी रात

पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन ने जब मृतक गोपाल की जांच शुरू की तो 24 घंटों में भी उसका शव नहीं मिल पाया। पुलिस रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी जिसके कारण उन्हें रात नदी किनारे ही बितानी पड़ी। पुलिस प्रशासन सुबह जल्दी उठकर ही सर्चिंग में लग गए लेकिन 24 घंटे में भी गोपाल का शव नहीं मिल पाया है। पुलिस नदी के कई दूर तक गोपाल को तलाश रही है।

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