मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए अभियान चलाया था जिसमें सभी काले धंधों को रोकना था और आरोपियों को गिरफ्तार करना था। अभियान कुछ महीनों तक अच्छा चला लेकिन अभी ठंडा पड़ गया है और फिर से प्रदेश में काले धंधे होने लगे हैं। कुछ दिनों पहले की मंदसौर जिले में जहरीली शराब कांड का मामला सामने आया और उसके बाद दोबारा प्रदेश सरकार ने अभियान पर सख्ती बताई और प्रदेश में हो रहे काले धंधों पर रोक लगाना शुरू किया। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने अभी 9 करोड़ की गांजा और डोडा पकड़े है।

सीमेंट फैक्ट्री में नष्ट किया पुलिस ने सब कुछ

उदयपुर पुलिस में बड़ी मात्रा में नशे का सामान जिसमें गांजा चरस और डोडा चुरा था, उसे सीमेंट की फैक्ट्री के बायलर में नष्ट कर दिया। यह सारा सामान पुलिस द्वारा तस्करी के 91 अलग-अलग मामलों में कार्यवाही करके जब्त किया गया है। जब तक किए गए सामानों में सबसे अधिक डोडा चूरा की मात्रा थी। इसमें 17 किलो गांजा भी नष्ट किया गया है। पुलिस द्वारा नष्ट किया गया सारा नशे का सामान लगभग 9 करोड़ से अधिक रुपए का बताया जा रहा है। उदयपुर के एसपी ने बताया कि अभियान के तहत जप्त किया गया सारा नशें का सामान जल्द से जल्द नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकांश माल ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ा गया है

उदयपुर पुलिस एसपी द्वारा बताया गया है कि पहले नशे के सामान को नष्ट करने के लिए इसे जंगल में ले जाया जाता था और वहां पर जलाया जाता था लेकिन अब इंधन और समय के साथ साथ प्रदूषण को रोकने के लिए सामान को नष्ट करने की पूरी प्रोसेस सीमेंट फैक्ट्री के बॉयलर में की जा रही है जिससे प्रदूषण तो कम होगा ही साथ ही समय की भी बचत होगी। पहले जंगल में माल नष्ट करने में काफी परेशानी आती थी लेकिन अब सीमेंट फैक्ट्री के बॉयलर में आसानी से माल नष्ट हो रहा है। माल नष्ट होने से थानों में जगह खाली हो गई है जिससे पुलिस वालों को राहत मिली है। पुलिस द्वारा बताया गया है कि सबसे अधिक माल उदयपुर के ग्रामीण इलाकों से जब्त किया गया है।

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