आजकल के समाज में अगर कोई बेटी जन्म लेती है तो उसे श्राप माना जाता है। कुछ लोग इंसानियत की हद पार कर देते हैं। यह घटना भी कुछ ऐसी ही है जिसमें बच्चे को पैदा होते ही परिजनों ने कपड़े में लपेटकर हौद में फेंक दिया था। इसके लिए अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन लोग कहते हैं कि भगवान सबका हिसाब करते हैं और उसके बाद उस बच्ची को मध्यप्रदेश के एन आर आई इंजीनियर ने उसे गोद ले लिया। घटना अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र की है जहां पर लड़की को जन्म लेते ही पानी के हौद में फेंक दिया था लेकिन अब वह UAE में रहकर पढ़ाई करेगी। बच्चे अब इंजीनियर के घर की लक्ष्मी बन गई है।

इंजीनियर बेटी को गोद लेकर काफी खुश हैं

बच्ची को मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाले एक NRI इंजीनियर ने गोद लिया है। इंजिनियर का परिवार बेटी को गोद लेकर काफी खुश हैं। बच्ची के असली माता पिता ने उसे कपड़े में लपेटकर पानी के हौद में फेंक दिया था। उसके बाद दो साल तक बच्ची को अलवर के आब्जर्वेशन रूम में रखा गया था। बच्ची का नाम अंशुल रखा गया है।दो साल के बाद बच्ची को जबलपुर निवासी एन आर आई इंजीनियर ने गोद ले लिया।

बच्ची को पासपोर्ट भी दे दिया गया है

इंजीनियर ने बेटी को गोद लिया और उसके बाद 20 को अलवर में आयोजित सामाजिक न्याय एवं अधिकारी विभाग के जरिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला कलेक्टर और श्रम राज्य मंत्री द्वारा पासपोर्ट थमाया गया।अब बच्ची का विजा बनाकर उसे यूएई भेजा जाएगा। बच्ची को गोद लेने में 2 साल का समय लगा क्योंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाता है। इंजीनियर ने बेटी के लिए जब अप्लाई किया तो उसका नंबर राजस्थान के अलवर में आया और वहां से उसको अंशुल गोद मिली। प्रकिया पुरे डेढ़ साल तक चली।अब अगले दो साल तक मानिटरिंग करेगी। 

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