पहले ही किसान मौसम और महंगाई की मार से परेशान थे और अब एक और संकट किसानों के सामने आ गया है। जिन किसानों ने आलू उत्पादन किया था उन पर अभी दो तरफ से महंगाई की मार पड़ रही है। पहले ही किसानों को मंडी और बाजारों में अच्छे दाम नहीं मिल रहें हैं और ऊपर से कोल्ड स्टोरेज में रखा किसानों का लाखो बोरी आलू लापरवाही के कारण खराब हो गया। कुछ कोल्ड स्टोरेज में आलू की बहुत बेकार हालत हो गई है और बदबू मारने के साथ ही उग गए हैं।

कोल्ड स्टोरेज वाले किसानों पर डाल रहे हैं दबाव

एक तो किसानों का आलू खराब हो गया और ऊपर से कोल्ड स्टोरेज संचालक किसानों पर दबाव डाल रहे हैं कि वह आए और अपने आलू ले जाएं। कुछ किसान आलू ले जाने के लिए तैयार हो गए लेकिन उनकी हालतें ऐसी हो गई है कि वह किसी भी प्रकार से उपयोग में नहीं लाया जा सकता है इसलिए किसान उनको लाकर भी कुछ नहीं कर सकते हैं। किसान और कोल्ड स्टोरेज वाले संचालकों के बीच अनुबंध हुआ था कि अक्टूबर-नवंबर तक सुरक्षित रखा जाएगा लेकिन सितंबर से पहले ही खराब हो गए हैं। किसानों ने संचालकों पर आरोप लगाया है की लापरवाही के कारण हमारे आलू खराब हो गए लेकिन संचालकों का कहना है कि यह चिप्स बनाने वाले आलू थे जिन की समय सीमा इतनी नहीं होती है। हमने किसानों को सूचना भी दी थी लेकिन भाव नहीं होने के कारण उन्होंने आलू नहीं निकाले और यह खराब हो गया।

संचालकों की लापरवाही, होगी कार्यवाही

किसानों की शिकायत के बाद वैज्ञानिकों द्वारा निरीक्षण और जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक पता चला है कि कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने बिजली की बचत करने के लिए समय-समय पर कूलिंग सिस्टम चालू नहीं किया जिससे आलू की बोरियों में गर्मी पैदा हुई और उसी से आलू खराब हो गए। कोल्ड स्टोरेज में आलू को उगने से बचाने के लिए दवाई का छिड़काव किया जाता है जांच करने पर वह दवाई भी खराब निकली।वैज्ञानिक और भी कोल्ड स्टोरेज की जांच कर रहे हैं और निरीक्षण भी कर रहे हैं। जांच की रिपोर्ट आने के बाद संचालकों पर कार्यवाही की जाएगी।

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