नीमच के सिंगोली क्षेत्र में हुआ आदिवासी कन्हैयालाल का हत्याकांड धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने आदिवासी कन्हैयालाल को मारने वाले सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस में आरोपियों के अवैध कब्जे को भी ध्वस्त कर दिया है। इसके बाद भी हत्याकांड को लेकर आदिवासी संगठन जयस ने जावद फंटे के पास चंगेरा स्थित नई कृषि उपज मंडी में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान और गुजरात के मिलकर 10,000 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रशासन ने नहीं दी थी प्रदर्शन के लिए परमिशन

प्रशासन ने आदिवासियों को आयोजन करने की अनुमति नहीं दी थी। प्रशासन में आदिवासी संगठन को शहर में आने से रोकने के लिए मुख्य मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया था। रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया था। शहर में सिर्फ कुछ चिन्हित अधिकारियों को प्रवेश दिया गया जिन्होंने भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर आयोजन में शामिल हुए। लगभग 5 घंटे तक आदिवासियों ने प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों को सुनने के लिए कार्यकर्ता पोल पर चढ़ गए। पुलिस प्रशासन ने पुरे आयोजन की विडियोगाफी भी कराई। पुलिस अब कार्यकताओं पर केस दर्ज करने की तैयारी में हैं।

संगठन ने क्या क्या मांगे रखी है

आदिवासी कन्हैयालाल हत्याकांड में आदिवासी संगठन ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के सामने कई प्रकार की मांगे रखी। संगठन ने मांग रखी कि मृतक कन्हैयालाल के परिवार को 2 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। बालक को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की एफडी करवाई जाए। पुनर्वास हेतु मकान व 10 एकड़ कृषि भूमि दी जाए।बालक की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठाएंगी। आरोपीयों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। आरोपीयों को फांसी की सजा सुनाई जाएं।चालान चार्ज शीट आईपीएस अफसर की देखरेख में तैयार हो। दलित सह आरोपी के रोल और संलिप्पता की जांच हो।

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