आप मंदसौर शहर को देख लो या शामगढ़ शहर को सभी और व्यापारियों द्वारा रोड पर अतिक्रमण किया जाता है और इसी कारण शहर के मुख्य मार्गो पर थोड़ी थोड़ी देर में जाम की स्थिति बन जाती है। जिले की हर सिटी में व्यापारियों द्वारा अपने दुकान का सामान सड़क के किनारे तक जमाया जाता है जिससे सामान लेने वाले ग्राहक अपने वाहन को रोड पर ही खड़ा कर देते हैं और इसमें आने जाने वालों को परेशानी होती है। ऐसे में अगर कोई बड़ी गाड़ी आ जाती है तो जाम लग जाता है। अगर शामगढ़ शहर की बात की जाए तो वहां पर भी व्यापारियों द्वारा सड़कों पर अतिक्रमण किया गया है।

पाथवे पर दुकानदारों ने जमा लिया है कब्जा

मंदसौर से अधिक अतिक्रमण शामगढ़ में दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है। शामगढ़ में मुख्य मार्गों के समीप नगर पालिका द्वारा पाथवे बनाया गया था। नगर पालिका ने यह इसलिए बनाया था ताकि लोगों को आने जाने में परेशानी नहीं हो और एक्सीडेंट जैसी घटनाएं कम हो जाए लेकिन लोगों के लिए बनाए गए रास्ते पर कब्जा कर लिया है और अपनी दुकान का सामान सड़क के किनारे तक जमा देते हैं और इस कारण पैदल चलने वाले लोग भी रास्ते पर चलते हैं। इसी कारण जाम की स्थिति थोड़ी थोड़ी देर में सड़क पर बन जाती है। दुकानदारों ने कई सालों से सड़कों पर स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है।

40 फिट का रास्ता 15 फीट ही बचा है

शामगढ़ का मुख्य मार्ग 40 फीट चौड़ा है लेकिन सच्चाई में वह सिर्फ 15 फीट ही रह गया है। बाईपास नहीं होने से बड़े वाहनों को नगर में होकर ही जाना पड़ रहा है। दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण आए दिन छोटे-मोटे हादसे और बाइक सवार घायल होते रहते हैं। शामगढ़ के मुख्य मार्ग पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिम्मेदार और नगर पालिका रसूखदारों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इससे जाम की स्थिति हर समय बनी रहती है।मार्ग पर ठेले वालों के अलावा बड़े दुकानदारों ने भी सामान रोड तक जमा रखा है। बाईपास रोड नहीं होने से बड़े वाहनों का दबाव बना रहता है और दुर्घटनाएं भी होती रहती है। कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। प्रशासन को यह समस्या दूर करने के लिए कार्यवाही करनी चाहिए।

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