Afeem bachao abhiyan 2021

आज से कुछ सालों पहले ही मंदसौर जिले में लगभग हर किसान के पास अफीम की खेती करने के लिए पट्टे थे और कुछ किसान तो ऐसे थे जिनके पास अफीम के दो दो पट्टे थे। उस समय की तुलना में अब अफीम के आधे पट्टे भी नहीं बचे हैं। धीरे धीरे किसानों के हाथ से अफीम के पट्टे छूटते जा रहे हैं और प्रतिवर्ष जिले के हर गांव में से 10 या 15 पट्टे अवश्य कट रहे हैं। अब जिले में कुछ ही किसानों के पास अफीम के पट्ठे रह गए हैं। इसी को लेकर कुछ दिनों पहले सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा अफीम के पट्टे बढ़ाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया था और उसमें सांसद सुधीर गुप्ता ने कई मांगे रखी थी। इसके बाद अब समितियां भी जागरूक हो गई है।

अफीम खेती बचाने के लिए संघर्ष समिति की हुई बैठक

मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील में अफीम की खेती को बचाने के लिए संघर्ष समिति द्वारा सनी मंदिर परिसर में बैठक का आयोजन किया गया और बैठक संपन्न भी हुई। बैठक में सभी ने निर्णय लिया और मांगों को लेकर ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार वैभव जैन को सौंपा। इसमें मांग की गई है कि 1997 से आज तक जितने भी पट्टे कटे हैं चाहे वह किसी भी कारण कटे हो। किसानों के पट्टे चाहे कमी के कारण या औसत से घटिया मार्फिन होने का कारण कटे हो उन्हें बहाल किया जाए। अफीम नीति 15 सितंबर तक जारी की जाए। जिस से अफीम खेती करने में किसानों को समय और मौसम के अनुकूल अफीम खेती करने का अवसर मिले।

एसीबी द्वारा पकड़े गए अधिकारियों को सजा दी जाए

संघर्ष समिति ने ज्ञापन में यह मांग भी रखी है कि पिछले दिनों एसीबी द्वारा पकड़े गए अधिकारियों को सजा दी जानी चाहिए। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह दास वैष्णव थे। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह दास वैष्णव थे। अध्यक्षता सीतामऊ तहसील अध्यक्ष मुकेश जाट ने की। मंदसौर जिला अध्यक्ष नरसिंह डांगी, भोपाल सिंह चौहान, मांगीलाल मालवीय, सुरेश सेन, भरत टेलर, कालूलाल मेघवाल, बहादुर सिंह राजपूत, बादपुर बाबूलाल लोहार सहित गांव के पदाधिकारी मौजूद थे। सब ने मिलकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है इसे तहसीलदार वैभव जैन को दिया गया है। राष्ट्रपति तक विज्ञापन पहुंचने के बाद आगे का फैसला आ सकता है।

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