कोरोना से लड़ाई में आत्मनिर्भर बना मंदसौर, अब लोगों को इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं है, 6 ऑक्सीजन प्लांट, आरटी पीसीआर लैब, सीटी स्कैन मशीन और 400 पलंग सेंट्रल लाइन से जुड़े

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कोरोना के कारण मंदसौर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि आत्मनिर्भर हो गई है। वहीं तीसरी लहर से लड़ने के लिए भी मंदसौर तेजी से तैयार हो रहा है। दूसरी लहर के दौरान बिगड़ी स्थितियों में नगर के समाज जन कंधे से कंधा मिलाकर प्रशासन का साथ भी दिया। दान वीरों ने 15 दिन के भीतर 6 करोड रुपए प्रशासन को दिए जिससे कंसंट्रेटर मशीन सहित कई सुविधाएं जिले को प्राप्त हुई। इन्हें दानवीर ओ के कारण मंदसौर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाई गई। इसमें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और नकदी रुपए शामिल है। शासन से ऑक्सीजन प्लांट, सीटी स्कैन मशीन सहित आधुनिक उपकरणों की सुविधा भी मिली।

बंद कमरों में भी मरीजों को भर्ती करना पड़ा था

कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण जिला प्रशासन को बंद कमरों में भी पलंग लगाकर मरीजो को भर्ती करना पड़ा था।इस दौरान इमरजेंसी के सामने पर्ची कक्ष को भी तोड़ना पड़ा और मरीजों को भर्ती करना पड़ा।अब कोरोना के मरीज नही बचे हैं।ऐसे में जिला अस्पताल प्रबंधन ने यहां इमरजेंसी यूनिट तैयार कर ली है। पहले अगर तीन चार घायल एक साथ आ जाते हैं तो स्थिति बिगड़ जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब इमरजेंसी यूनिट में ईसीजी मशीन सहित विभिन्न मशीनें उपलब्ध है। इमरजेंसी होने पर अब 10 से 12 मरीजों का उपचार एक साथ किया जा सकेगा। जिला में 400 से अधिक पलंग पर सेटल लाइन तैयार हो रही है।

जिले में एक भी पाज़िटिव मरीज नही है

मंदसौर जिले में अभी अच्छी खबर यहां मिल रही है कि फिलहाल कोरोना का कोई मरीज सामने नहीं आया है लेकिन आपको अभी सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि देश में डेल्टा प्लस वेरिएंट दस्तक दे चुका है। जिले में रविवार को 419 सैंपल की रिपोर्ट जांच की गई जिनमें से एक की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। रविवार को जिले में से 2 लोगों को डिस्चार्ज किया गया और एक्टिव कोरोना केस 6 ही रह गए हैं। मंदसौर के लोगों को जांच के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और कुछ ही पैसों में उनकी जांच सरकारी अस्पताल में ही हो जाएगी।

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