मार्च में ही मिल गए 420 मरीज, शासन द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गई जिसमें कहा गया है कि 16 दिन के भीतर ही कोरोना के मामले दोगुने होने की आशंका जिला प्रशासन मरीजों के आंकड़े को बढ़ते हुए देखकर अस्पताल में बेड जुटाने की तैयारी में लग गया है जिसका टारगेट 300 बेड रखा गया है।

वर्तमान में भर्ती मरीजों की संख्या 80 है।

जिस तरह शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। से कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर अभी भी लोग कोरोनावायरस में लेंगे । तो फिर से क लॉकडाउन लगना लगभग तय है।

इसी आंकड़े को  को देखते हुए शासन ने भी एक रिपोर्ट जारी की गई जिसके तहत शासन द्वारा बताया गया है कि 20 अप्रैल तक कोरोनावायरस  से पीड़ित मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी।

प्रशासन ने जिले में 200 से 300 मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था करने के लिए कहा है। अब प्रशासन ने निजी अस्पतालों में कोविड केयर सेंटर खोलने मैं हर संभव मदद करने के लिए कहा है।3-4निजी अस्पताल संचालकों द्वारा जब यह बात कही गई कि वह गांधीनगर वैष्णव आईटीआई में कोविड केयर सेंटर खोलना चाहते हैं।

रहवासियों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने विरोध कर आंदोलन करने तक की चेतावनी दी।

प्रशासन ने आंकड़े जारी कर यह तो बता दिया है कि 20 अप्रैल तक  कोरोना वरीज दुगना हो जाएंगे, हम तो साथ ही प्रशासन ने यह भी कहा है कि अगर सही प्रकार से सावधानी बरती गई तो इससे बचा भी जा सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार यह कहा जा रहा है कि एक समय में जिले में 200 से 300 मरीज एक्टिव केस होंगे। इसके लिए प्रशासन व्यवस्था कर रहा है। जिला प्रशासन के बाद सभी 136 बेड उपलब्ध है इन रेड क्रॉस सोसाइटी के पास 40 बेड उपलब्ध है।

शहर में  कन्या छात्रावास में कोविड केयर सेंटर बनाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा निजी स्तर पर भी कोविड केयर सेंटर बनाने की बात की जा रही है।

कोविड गाइडलाइन पालन करने की वजह से बनी है यह स्थिति,

अधिकारियों से बातचीत में यह पता चला है कि यह स्थिति नगर वासियों की लापरवाही बरतने की आदत की वजह से बनी है अगर अभी भी नगरवासी नहीं समझे तो फिर से लोग डाउन लगना तय है।पुलिस प्रशासन के बार बार समझाने के बाद भी लोग सड़कों पर ऐसे ही घूमते हुए दिखते हैं। बिना कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किए।फैशन की कानूनी कार्रवाई के बाद भी लोग नहीं मान रहे हैं। इससे आदत की वजह से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि एक बार फिर से लॉकडाउन लगेगा।

रहवासियों को पसंद नहीं आ रहा है प्रशासन का निर्णय,

गांधीनगर के रहवासी इलाके में प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि कोविड-19 सेंटर बनाया जाए इससे रहवासी बहुत आक्रोशित है रविवार को उन्होंने नारेबाजी कर कर विरोध जताया है। वाय डी नगर टीआई कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

बता दे कि वैष्णव आईटी विद्युत नगर के बीच में है, गांधीनगर कर्मचारी आवास कॉलोनी, शारदा विहार आदर्श नगर मुख्य मार्ग है।हजारों लोगों का आवागमन होता है सामने मैदान में बच्चे खेलते हैं इसलिए लोगों द्वारा कहा गया कि इस निर्णय को वापस ले।

लोग पूरी तरह से लापरवाह है अभी तक कोई भी सावधानी लोगों द्वारा नहीं बढ़ती जा रही है, इसलिए हो रहा है संक्रमण तेज।

अधिकारियों से बातचीत में पता चला है कि शुरू शुरू में लोग मास्क लगाते थे सैनिटाइजर यूज कर देते समय समय हाथ धोते थे पर अब कुछ नहीं करते हैं इसीलिए इसका खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।

जब कोरोना का खतरा बढ़ा था तब लोग 15 से 20 जनों की मौजूदगी में शादी कर रहे थे प्रशासन के नियम मान रहे थे पर अब  500 लोग शादी में आ रहे हैं ना जगा रहे हैं भीड़भाड़ वाले इलाकों में जा रहे हैं और कोई सावधानी भी नहीं बढ़ती जा रही है ऐसे में कोरोना का खतरा बढ़ना लाजमी है।

पहले बस ट्रेन बंद थी लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने बस स्टैंड फिर से चालू की पर लोग लोग सावधानी बरतते हुए नहीं दिखे बसों में लोग मास्क लगाते हुए अब नहीं दिखते हैं। ग्रामीण ग्रामीण  आशा थी कि यहां पर कुर्ला का खतरा कम होगा।ग्रामीण भी अपने सार्वजनिक समारोह में बहुत सारे लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं हम लोग अभी रहे हैं।

लोगों को स्वयं बरतनी होगी सतर्कता,

प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि खतरा बहुत बढ़ गया है लोगों के को सुरक्षा के उपाय को ना मानने के कारण दिन पर दिन केस बढ़ते जा रहे है, प्रशासन को इसकी चिंता है पर लोक प्रशासन की बात नहीं मान रहे हैं प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है फिर भी लोग किसे जरा इस से बच निकलते हैं और फिर से बिना मास्क के बाहर निकलते हैं, प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि अब सिर्फ एक ही रास्ता है कि लोग स्वयं सावधानी बरतें लोगों लोगों को इस खतरे का अहसास होना चाहिए कि यह कितनी गंभीर बीमारी है इसका असर उनके परिवार पर बहुत बुरी तरह से पढ़ सकता है।

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