किसान आंदोलन की आड़ में हिंसक प्रदर्शन , लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने को लेकर अमित शाह ने गंभीरता से लिया, बुलाए आपातकालीन बैठक ।

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 गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया जा रहा था। जिससे रैली में कई स्थानों पर हिंसक रूप लेने और पुलिस से झड़प के बाद साथ ही रैली के दौरान किसानों द्वारा धार्मिक झंडा फहराने को लेकर गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस के आला अफसरों के साथ आपत कालिन बैठक बुलाई थी। 

जिसमें अमित शाह द्वारा इस आपतकालीन बैठक  में धरोहर एवं संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात के आदेश दिए। एवं प्रदर्शनकारियों में हिंसा फैलाने वाले लोगों के प्रति कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं । जानकारी के मुताबिक आंदोलन की आड़ में कुछ संगठनों द्वारा हिंसा फैलाने व हिंसा को बढ़ावा देने वाली जानकारी की सूचना खुफिया एजेंसी से मिली है साथ ही ऐसी घटना आगे भी होने की संभावना खुफिया एजेंसी ने बताइए है । 

आइए जानते हैं पुलिस द्वारा क्या जानकारी दी गई ।


हिंसा इतनी बढ़ गई कि गृह मंत्रालय को 27 जनवरी को शाम 5 बजे तक गाजीपुर, टिकारी, सिंधु, नागलोई आदि स्थानों पर इंटरनेट सेवा बंद करने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस हिंसक झपट में पुलिस के 86 जवान घायल हुए हैं। संपत्ति सरकारी संपत्ति को भी कई नुकसान हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर लाठियां व हथियारों द्वारा हमले करते देखा गया जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई और हालात नियंत्रण करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा प्रदर्शनकारी यहां तक ​​ही नहीं रुके बल्कि उन्होंने लाल किले में सवार साहिब और किसानों का झंडा फहरा दिया। पुलिस ने बताया कि मामले में हिंसा करने वाले के खिलाफ 7 प्राथमिकता दर्ज की गई है। 


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